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भारत मां की जय बोलते थे, बोलेंगे : फरहत
ब्यूराे/अमर उजाला, रामपुर
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:47 PM IST
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रामपुर में पत्रकारों को संबोधित करते फरहत अली।
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अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली खां ने कहा कि भारत माता की जय बोलने के मामले में देवबंद ने जो फतवा जारी किया है उसे संगठन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। क्योंकि भारत मंदिर और मस्जिदों में इबादत करने से नहीं बनता, बल्कि सरजमीं-ए-हिंद को प्यार करने से बनता है। मुस्लिम महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली खां ने एक होटल में पत्रकारों से कहा कि मुल्क के खिलाफ कोई बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारत माता की जय बोलने पर देवबंद के मुफ्तियों ने जो फतवा जारी किया है, उसे उनका संगठन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। भारत माता की जय बोलने से कोई रोक नहीं सकता। वतन की सरजमीं इबादतगाह है। इसी सरजमीं पर सजदे किए जाते हैैं। मौलवी और मुफ्तियों ने फतवे को व्यापार बना लिया है। मुफ्ती पांच हजार रुपये लेकर कोई भी गलत फतवा दे सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब से दुनिया बनी है सरजमीं-ए-भारत की जय है। हमेशा भारत माता की जय रहेगी।
हम अपने मादरे वतन को अपने दिलों जान से ज्यादा अजीज मानते हैं। हम भारत माता के जर्रे-जर्रे के कर्जदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत मंदिर और मस्जिदों में इबादत करने से नहीं बनता, बल्कि सरजमीं-ए-हिंद से प्यार करने से बनता है। किसी भी इदारे से फतवे या फरमान आएं वो भारत की सरजमीं के लिए हमारे जज्बों को खत्म नहीं कर सकते। इस तरह के फतवा देने से पहले आलिमों और मुफ्तियों को सोचना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वो भारतीय मुसलमान हैं और हर जगह, हर वक्त कुरबान होने को तैयार हैं।
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भारत माता की जय बोलने पर देवबंद के मुफ्तियों ने जो फतवा जारी किया है, उसे उनका संगठन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। भारत माता की जय बोलने से कोई रोक नहीं सकता। वतन की सरजमीं इबादतगाह है। इसी सरजमीं पर सजदे किए जाते हैैं। मौलवी और मुफ्तियों ने फतवे को व्यापार बना लिया है। मुफ्ती पांच हजार रुपये लेकर कोई भी गलत फतवा दे सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब से दुनिया बनी है सरजमीं-ए-भारत की जय है। हमेशा भारत माता की जय रहेगी।
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हम अपने मादरे वतन को अपने दिलों जान से ज्यादा अजीज मानते हैं। हम भारत माता के जर्रे-जर्रे के कर्जदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत मंदिर और मस्जिदों में इबादत करने से नहीं बनता, बल्कि सरजमीं-ए-हिंद से प्यार करने से बनता है। किसी भी इदारे से फतवे या फरमान आएं वो भारत की सरजमीं के लिए हमारे जज्बों को खत्म नहीं कर सकते। इस तरह के फतवा देने से पहले आलिमों और मुफ्तियों को सोचना होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वो भारतीय मुसलमान हैं और हर जगह, हर वक्त कुरबान होने को तैयार हैं।
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