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Rampur News: हम मेला किसी की याद में नहीं लगाते, सद्भावना मेला लगाते हैं-ग्राम प्रधान
Wed, 19 Mar 2025 12:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:58 AM IST
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संभल।
नेजा मेला विवाद में आया तो शहबाजपुर सूरा नगला ग्राम प्रधान ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम पंचायत किसी की याद में नेजा मेला नहीं लगाती है, बल्कि ग्राम पंचायत में लगने वाला मेला सद्भावना मेला है। ग्राम पंचायत की ओर से अनुमति के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन भी किया गया है। वहीं, दूसरी ओर एएसपी श्रीश्चंद्र का कहना है कि जब ढाल और झंडा नहीं लगा तो अब कोई मेला भी आयोजित नहीं होगा। किसी भी मेले की अनुमति नहीं दी जाएगी। शहबाजपुर सूरा नगला का मेला भी सैयद सालार मसूद गाजी की याद में ही आयोजित होता है।ग्राम प्रधान मरगूब फातिमा के बेटे मोहम्मद जीशान ने बताया कि पिछले वर्ष मेले का ठेका 4.50 लाख रुपये का हुआ था। उसमें 25 प्रतिशत धनराशि तहसील में जमा कराई थी। और बाकी धनराशि ग्राम पंचायत निधि में जमा की जाती है। मेले का ठेका करने से पहले ग्राम पंचायत द्वारा सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाती हैं। बताया कि मेला सदियों से शाह भोले शाह की मजार के नजदीक लगता आ रहा है लेकिन किसी की याद में नहीं लगाया जाता है। सद्भावना मेले का आयोजन होता है। सभी राजनीतिक दल और धर्म के लोग मेले में आते हैं।
वहीं, दूसरी ओर धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी का कहना है कि सैयद सालार मसूद गाजी की याद में ही ढाल और झंडा लगता है। उनके साथियों के मजार जहां हैं वहां मेले का आयोजन होता है। 25 मार्च को मेला शहबाजपुर सूरा नगला में आयोजित किया जाना था। 26 मार्च को पालिका के मैदान में और 27 मार्च को बादल गुंबद का मेला लगना था।
पालिका ने इस बार 15.20 लाख रुपये में तय किया था ठेका
संभल। नेजा मेले के आयोजन से नगर पालिका को भी 15 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई ठेका देने में होती थी। क्योंकि सारी व्यवस्थाएं नगर पालिका द्वारा ही संभाली जाती थीं। पालिका के मैदान में ही खेल खिलौने और झूले आदि को लगाया जाता था। पालिका चेयरमैन के पति मुशीर चौधरी ने बताया कि पिछले वर्ष 15.10 लाख रुपये का ठेका पालिका द्वारा दिया गया था। इस बार 15.20 लाख रुपये का ठेका तय हो गया था। प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा था। लेकिन अब पुलिस प्रशासन ने मेले की अनुमति देने से इनकार किया है तो ठेका नहीं हो सकता है। दरअसल नेजा मेले की अनुमति नहीं दिए जाने से पालिका संभल और ग्राम पंचायत शहबाजपुर सूरा नगला को राजस्व की हानि हुई है। वहीं कई करोड़ का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
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कोट
- संभल और शहबाजपुर सूरा नगला का मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगाया जाता है। इन तीनों ही मेले को आयोजित करने के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। ढाल और झंडा लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। इसी तरह मेले लगाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।- श्रीश्चंद्र, एएसपी, संभल
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नेजा मेला विवाद में आया तो शहबाजपुर सूरा नगला ग्राम प्रधान ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम पंचायत किसी की याद में नेजा मेला नहीं लगाती है, बल्कि ग्राम पंचायत में लगने वाला मेला सद्भावना मेला है। ग्राम पंचायत की ओर से अनुमति के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन भी किया गया है। वहीं, दूसरी ओर एएसपी श्रीश्चंद्र का कहना है कि जब ढाल और झंडा नहीं लगा तो अब कोई मेला भी आयोजित नहीं होगा। किसी भी मेले की अनुमति नहीं दी जाएगी। शहबाजपुर सूरा नगला का मेला भी सैयद सालार मसूद गाजी की याद में ही आयोजित होता है।ग्राम प्रधान मरगूब फातिमा के बेटे मोहम्मद जीशान ने बताया कि पिछले वर्ष मेले का ठेका 4.50 लाख रुपये का हुआ था। उसमें 25 प्रतिशत धनराशि तहसील में जमा कराई थी। और बाकी धनराशि ग्राम पंचायत निधि में जमा की जाती है। मेले का ठेका करने से पहले ग्राम पंचायत द्वारा सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाती हैं। बताया कि मेला सदियों से शाह भोले शाह की मजार के नजदीक लगता आ रहा है लेकिन किसी की याद में नहीं लगाया जाता है। सद्भावना मेले का आयोजन होता है। सभी राजनीतिक दल और धर्म के लोग मेले में आते हैं।
वहीं, दूसरी ओर धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी का कहना है कि सैयद सालार मसूद गाजी की याद में ही ढाल और झंडा लगता है। उनके साथियों के मजार जहां हैं वहां मेले का आयोजन होता है। 25 मार्च को मेला शहबाजपुर सूरा नगला में आयोजित किया जाना था। 26 मार्च को पालिका के मैदान में और 27 मार्च को बादल गुंबद का मेला लगना था।
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पालिका ने इस बार 15.20 लाख रुपये में तय किया था ठेका
संभल। नेजा मेले के आयोजन से नगर पालिका को भी 15 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई ठेका देने में होती थी। क्योंकि सारी व्यवस्थाएं नगर पालिका द्वारा ही संभाली जाती थीं। पालिका के मैदान में ही खेल खिलौने और झूले आदि को लगाया जाता था। पालिका चेयरमैन के पति मुशीर चौधरी ने बताया कि पिछले वर्ष 15.10 लाख रुपये का ठेका पालिका द्वारा दिया गया था। इस बार 15.20 लाख रुपये का ठेका तय हो गया था। प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा था। लेकिन अब पुलिस प्रशासन ने मेले की अनुमति देने से इनकार किया है तो ठेका नहीं हो सकता है। दरअसल नेजा मेले की अनुमति नहीं दिए जाने से पालिका संभल और ग्राम पंचायत शहबाजपुर सूरा नगला को राजस्व की हानि हुई है। वहीं कई करोड़ का कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
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- संभल और शहबाजपुर सूरा नगला का मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगाया जाता है। इन तीनों ही मेले को आयोजित करने के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। ढाल और झंडा लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। इसी तरह मेले लगाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।- श्रीश्चंद्र, एएसपी, संभल