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Rampur News: जलस्तर घटा, ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार
Sun, 13 Sep 2026 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:04 AM IST
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शाहबाद में रामगंगा का जलस्तर। संवाद
- फोटो : Department
रामपुर। कोसी और रामगंगा का जलस्तर भले ही कम हो गया लेकिन लोगों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं। भैयानगला में पुलिया और संपर्क मार्ग कटने से लोग मोटर बोट से आवागमन करने के लिए मजबूर हैं। रामगंगा और कोसी नदी ने कटान तेज कर दिया। इससे मुश्किलें कम नहीं हो रही है। प्रशासन लोगों को राहत देने की कोशिश में है। लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए अफसर लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
गांव में कीचड़ व दलदल ने बढ़ाई मुश्किल
शाहबाद। रामगंगा का जलस्तर कम होने पर रास्तों में भरा पानी भी उतर गया लेकिन वहां अब कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई है। इससे पैदल चलना तो मुश्किल हो ही रहा है, दोपहिया वाहन भी फिसलने का खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी उतरने के बाद रास्तों पर जमा कीचड़ और दलदल ने परेशानी बढ़ा दी है। कई जगह रास्ते पूरी तरह खराब हो चुके हैं। आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर भले ही कम हो रहा है, लेकिन रास्ते सामान्य होने में अभी समय लगेगा। एसडीएम आदेश कुमार ने बताया कि शनिवार को रामगंगा का जलस्तर घट गया है। इस समय स्थिति कुछ सामान्य है।
भैयानगला में बढ़ी दिक्कत
पटवाई। रामगंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी भैयानगला में स्थिति भयावह है। पुलिया व संपर्क मार्ग कटने के बाद लोग मोटर बोट के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण संपर्क मार्ग व पुलिया की मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी बारिश थमने के बाद मरम्मत की बात कर रहे हैं।
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भाखड़ा डैम में बना करीब 20 फिट गहरा स्रोत, मरम्मत कार्य शुरू
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाखड़ा डैम के जलाशय में पानी ने फर्श तोड़कर करीब 20 फिट गहरा एक स्रोत बना लिया है, जो जलाशय के पानी को खलासी व दोनों पुलों के नीचे होकर दूसरी तरफ तेजी के साथ फेंक रही है। शनिवार को पीलीभीत से आए मडपंप व जियो ट्यूब से नहर विभाग ने जलाशय में स्रोत के चारों तरफ घेराबंदी करने का काम शुरू कर दिया है।
14 अगस्त को सपा कार्यकर्ताओं ने भाखड़ा डैम के जलाशय में पानी के स्रोत होने की शिकायत एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया से की थी। एसडीएम के आदेश पर नहर विभाग ने जलाशय में बने स्रोतों को बंद करने का प्रयास किया था, लेकिन पानी के तेज बहाव की वजह से मटेरियल पानी में बह गया। इसके बाद विभाग ने लकड़ी की बल्लियों से दीवार बनानी शुरू की थीं, मगर पान के तेज बहाव ने बल्लियों को बहा दिया था। इतना ही नहीं, स्रोत के पानी के रिसाव से डैम के समीप खोदलपुर रोड पर करीब 12 मीटर लंबा और करीब पांच मीटर गहरा गड्ढा भी हो गया था। हालांकि विभाग ने बाद में गड्ढा बंद कर रास्ते पर आवागमन चालू कर दिया था।
राज्यमंत्री के आदेश पर नगर विभाग ने स्रोत को बंद करने के लिए पीलीभीत से संसाधन मंगाए हैं। एसडीओ नहर नंद लाल आर्य व जेई वीर सिंह के अनुसार डैम के जलाशय में बना स्रोत करीब 20 फिट गहरा है। शनिवार सुबह से ही जलाशय में भरे पानी को पीलीभीत के दूनी डैम से मंगाए गए मडपंप से निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही जियो ट्यूब में श्रमिकों ने पूरे दिन बालू, मिट्टी भरने का कार्य किया है। स्रोत के आसपास पानी पूरी तरह से सूखने के बाद ही स्रोत बंद करने का कार्य किया जाएगा। एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया ने बताया कि नहर विभाग ने जलाशय में पैदा हुए पानी के स्रोतों को बंद करने का काम तेजी के साथ कर रहा है। शीघ्र ही स्रोत बंद होने के बाद ही पानी का प्रवाह शुरू किया जाएगा।
डैम के स्रोतों ने खलासी में डालीं दरारें, अधिक पानी आने से खतरे में पड़ सकता है अस्तित्व
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाखड़ा डैम के जलाशय के फर्श में कई जगह पानी के स्रोत फूटने से खलासी (अंडर स्लुइस) में जगह-जगह गहरी दरारें आ गई हैं। डैम की एक साइड की दीवार भी चटक गई है। अगर डैम में पानी भारी मात्रा में आ गया तो खलासी कभी भी गिर सकती है।
अंग्रेजों के जमाने में करीब 100 साल पहले बनी भाखड़ा डैम की ऐतिहासिक खलासी के पिलरों के नीचे का बेस खोखला हो रहा है और पिलरों में दरारें आ गईं हैं। पानी के तेज बहाव को रोकने वाले ब्लॉकों के चारों ओर कूड़ा-करकट और झाड़-झंखाड़ जमा है, जिससे साफ है कि महीनों से इसकी सफाई व मरम्मत तक नहीं हुई है। जलाशय में स्रोत फूटने के बाद से पूरे ढांचे पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नहर विभाग को इस जर्जर हालत की पूरी जानकारी है।
हाल ही में खोदलपुर रोड पर 12 मीटर लंबा गड्ढा होने के बाद अधिकारियों ने खानापूर्ति कर गड्ढा तो पाट दिया था, लेकिन मुख्य समस्या यानी खलासी की दरारों को नजरअंदाज कर दिया। लोगों का कहना है कि डैम में पानी की आवक अचानक बढ़ी तो यह जर्जर खलासी पानी के दबाव को नहीं झेल पाएगी और टूट जाएगी। नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल खलासी को आम लोगों के लिए बंद किया जाए, पूरे ढांचे का तकनीकी विशेषज्ञों से ऑडिट कराया जाए और बरसात खत्म होने का बहाना छोड़कर तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया जाए। ताकि समय रहते संभावित हादसे को होने से रोका जाए। एसडीओ नहर नंद लाल आर्य का कहना है कि उक्त मामले में प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-नदियों का जल स्तर सामान्य हो रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन लोग नदियों के किनारे जाने से बचें। जहां पर नुकसान हुआ है। उसका सर्वे कराकर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम
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गांव में कीचड़ व दलदल ने बढ़ाई मुश्किल
शाहबाद। रामगंगा का जलस्तर कम होने पर रास्तों में भरा पानी भी उतर गया लेकिन वहां अब कीचड़ और दलदल की स्थिति बन गई है। इससे पैदल चलना तो मुश्किल हो ही रहा है, दोपहिया वाहन भी फिसलने का खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी उतरने के बाद रास्तों पर जमा कीचड़ और दलदल ने परेशानी बढ़ा दी है। कई जगह रास्ते पूरी तरह खराब हो चुके हैं। आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर भले ही कम हो रहा है, लेकिन रास्ते सामान्य होने में अभी समय लगेगा। एसडीएम आदेश कुमार ने बताया कि शनिवार को रामगंगा का जलस्तर घट गया है। इस समय स्थिति कुछ सामान्य है।
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भैयानगला में बढ़ी दिक्कत
पटवाई। रामगंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी भैयानगला में स्थिति भयावह है। पुलिया व संपर्क मार्ग कटने के बाद लोग मोटर बोट के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण संपर्क मार्ग व पुलिया की मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी बारिश थमने के बाद मरम्मत की बात कर रहे हैं।
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भाखड़ा डैम में बना करीब 20 फिट गहरा स्रोत, मरम्मत कार्य शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाखड़ा डैम के जलाशय में पानी ने फर्श तोड़कर करीब 20 फिट गहरा एक स्रोत बना लिया है, जो जलाशय के पानी को खलासी व दोनों पुलों के नीचे होकर दूसरी तरफ तेजी के साथ फेंक रही है। शनिवार को पीलीभीत से आए मडपंप व जियो ट्यूब से नहर विभाग ने जलाशय में स्रोत के चारों तरफ घेराबंदी करने का काम शुरू कर दिया है।
14 अगस्त को सपा कार्यकर्ताओं ने भाखड़ा डैम के जलाशय में पानी के स्रोत होने की शिकायत एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया से की थी। एसडीएम के आदेश पर नहर विभाग ने जलाशय में बने स्रोतों को बंद करने का प्रयास किया था, लेकिन पानी के तेज बहाव की वजह से मटेरियल पानी में बह गया। इसके बाद विभाग ने लकड़ी की बल्लियों से दीवार बनानी शुरू की थीं, मगर पान के तेज बहाव ने बल्लियों को बहा दिया था। इतना ही नहीं, स्रोत के पानी के रिसाव से डैम के समीप खोदलपुर रोड पर करीब 12 मीटर लंबा और करीब पांच मीटर गहरा गड्ढा भी हो गया था। हालांकि विभाग ने बाद में गड्ढा बंद कर रास्ते पर आवागमन चालू कर दिया था।
राज्यमंत्री के आदेश पर नगर विभाग ने स्रोत को बंद करने के लिए पीलीभीत से संसाधन मंगाए हैं। एसडीओ नहर नंद लाल आर्य व जेई वीर सिंह के अनुसार डैम के जलाशय में बना स्रोत करीब 20 फिट गहरा है। शनिवार सुबह से ही जलाशय में भरे पानी को पीलीभीत के दूनी डैम से मंगाए गए मडपंप से निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही जियो ट्यूब में श्रमिकों ने पूरे दिन बालू, मिट्टी भरने का कार्य किया है। स्रोत के आसपास पानी पूरी तरह से सूखने के बाद ही स्रोत बंद करने का कार्य किया जाएगा। एसडीएम आनंद कुमार कनौजिया ने बताया कि नहर विभाग ने जलाशय में पैदा हुए पानी के स्रोतों को बंद करने का काम तेजी के साथ कर रहा है। शीघ्र ही स्रोत बंद होने के बाद ही पानी का प्रवाह शुरू किया जाएगा।
डैम के स्रोतों ने खलासी में डालीं दरारें, अधिक पानी आने से खतरे में पड़ सकता है अस्तित्व
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाखड़ा डैम के जलाशय के फर्श में कई जगह पानी के स्रोत फूटने से खलासी (अंडर स्लुइस) में जगह-जगह गहरी दरारें आ गई हैं। डैम की एक साइड की दीवार भी चटक गई है। अगर डैम में पानी भारी मात्रा में आ गया तो खलासी कभी भी गिर सकती है।
अंग्रेजों के जमाने में करीब 100 साल पहले बनी भाखड़ा डैम की ऐतिहासिक खलासी के पिलरों के नीचे का बेस खोखला हो रहा है और पिलरों में दरारें आ गईं हैं। पानी के तेज बहाव को रोकने वाले ब्लॉकों के चारों ओर कूड़ा-करकट और झाड़-झंखाड़ जमा है, जिससे साफ है कि महीनों से इसकी सफाई व मरम्मत तक नहीं हुई है। जलाशय में स्रोत फूटने के बाद से पूरे ढांचे पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि नहर विभाग को इस जर्जर हालत की पूरी जानकारी है।
हाल ही में खोदलपुर रोड पर 12 मीटर लंबा गड्ढा होने के बाद अधिकारियों ने खानापूर्ति कर गड्ढा तो पाट दिया था, लेकिन मुख्य समस्या यानी खलासी की दरारों को नजरअंदाज कर दिया। लोगों का कहना है कि डैम में पानी की आवक अचानक बढ़ी तो यह जर्जर खलासी पानी के दबाव को नहीं झेल पाएगी और टूट जाएगी। नागरिकों ने मांग की है कि तत्काल खलासी को आम लोगों के लिए बंद किया जाए, पूरे ढांचे का तकनीकी विशेषज्ञों से ऑडिट कराया जाए और बरसात खत्म होने का बहाना छोड़कर तुरंत मरम्मत का काम शुरू किया जाए। ताकि समय रहते संभावित हादसे को होने से रोका जाए। एसडीओ नहर नंद लाल आर्य का कहना है कि उक्त मामले में प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-नदियों का जल स्तर सामान्य हो रहा है। खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन लोग नदियों के किनारे जाने से बचें। जहां पर नुकसान हुआ है। उसका सर्वे कराकर मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम