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Rampur News: वसीम अब खुद खा सकता है खाना, लिखना भी कर दिया शुरू
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रामपुर। टांडा तहसील के बैजना गांव का रहने वाला दस साल का बच्चा वसीम को अपने दैनिक कार्यों के लिए किसी की सहायता नहीं है। वसीम अब अपने कृत्रिम हाथों से खाना भी खा सकता है और लिख भी सकता है। वसीम मंगलवार को डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ का शुक्रिया अदा करने पहुंचा था। क्योंकि जिला प्रशासन की ओर से चलाए जाने वाले चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से उसको कृत्रिम हाथ लगाए गए हैं।
कुछ साल पहले हुए एक हादसे ने वसीम के जीवन में अंधेरा कर दिया था। हाईटेंशन लाइन में हाथ छू जाने से उसके दोनों हाथ काटने पड़े थे। परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह उसकी इस कमी को दूर कर पाते। ऐसे में जिला प्रशासन का चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड उसके लिए वरदान बनकर आया है। इस फंड की मदद से शुरू की मिशन मुस्कान के तहत उसको कृत्रिम हाथ लगाने का फैसला लिया। उसके लिए दिल्ली की एक संस्था ने अमेरिका से कृत्रिम हाथ मंगवाए। कृत्रिम हाथ लगाए जाने के बाद वसीम को लगभग डेढ़ माह तक ट्रेनिंग दी गई। अब वसीम ने अपने कृत्रिम हाथों से चम्मच से खाना खा लेता है। गिलास उठाकर खुद पानी भी पी लेता है। उसने कृत्रिम हाथों से लिखना शुरू कर दिया था।
वसीम सैदनगर ब्लॉक के घाटमपुर स्कूल में पढ़ता है। दोनों हाथ नहीं होेने की स्थिति में वसीम ने अपने पैरों से लिखना शुरू कर दिया था। डीएम ने वसीम को एक कार्यक्रम में देखा था। इसके बाद उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया था कि चाइड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से वसीम की मदद की जाए। डीएम ने बताया इस फंड में रामपुर के आमलोग अपना सहयोग देते हैं। इस फंड से अवगत तक 50 दिव्यांग बच्चों का ऑपरेशन कराया जा चुका है। दस बच्चे अभी और बचे हुए हैं उनका ऑपरेशन भी इस माह के अंत तक करा दिया जाएगा।
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कुछ साल पहले हुए एक हादसे ने वसीम के जीवन में अंधेरा कर दिया था। हाईटेंशन लाइन में हाथ छू जाने से उसके दोनों हाथ काटने पड़े थे। परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह उसकी इस कमी को दूर कर पाते। ऐसे में जिला प्रशासन का चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड उसके लिए वरदान बनकर आया है। इस फंड की मदद से शुरू की मिशन मुस्कान के तहत उसको कृत्रिम हाथ लगाने का फैसला लिया। उसके लिए दिल्ली की एक संस्था ने अमेरिका से कृत्रिम हाथ मंगवाए। कृत्रिम हाथ लगाए जाने के बाद वसीम को लगभग डेढ़ माह तक ट्रेनिंग दी गई। अब वसीम ने अपने कृत्रिम हाथों से चम्मच से खाना खा लेता है। गिलास उठाकर खुद पानी भी पी लेता है। उसने कृत्रिम हाथों से लिखना शुरू कर दिया था।
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वसीम सैदनगर ब्लॉक के घाटमपुर स्कूल में पढ़ता है। दोनों हाथ नहीं होेने की स्थिति में वसीम ने अपने पैरों से लिखना शुरू कर दिया था। डीएम ने वसीम को एक कार्यक्रम में देखा था। इसके बाद उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया था कि चाइड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से वसीम की मदद की जाए। डीएम ने बताया इस फंड में रामपुर के आमलोग अपना सहयोग देते हैं। इस फंड से अवगत तक 50 दिव्यांग बच्चों का ऑपरेशन कराया जा चुका है। दस बच्चे अभी और बचे हुए हैं उनका ऑपरेशन भी इस माह के अंत तक करा दिया जाएगा।
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