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योगी जी! धूल चाट रहीं करोड़ों की एसी वाल्वो बसें
मोहित सक्सेना / रामपु्र
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:40 AM IST
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रामपुर मे रोडवेज वर्क शॉप मे खड़ी वाल्वो बसें। अमर उजाला
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भले ही योगी सरकार ने शहर में दौड़ने वाली सिटी बस सेवा को और मजबूती से चलाने के आदेश जारी कर दिए हों, लेकिन रामपुर में तो पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां द्वारा जिले को सौगत के रूप में दी गई करीब दस करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की एसी वोल्वो बसें अफसरों की लापरवाही की वजह से धूल फांक रही हैं। हालात यह हैं कि तीन माह में पांच बसों का नगर विकास विभाग रजिस्ट्रेशन तक नहीं करा सका है। इतना ही नहीं संचालन कमेटी का भी गठन नहीं हुआ है। लिहाजा अफसरों की सुस्ती करोड़ों रुपये पर पानी फेर रही है।
शहर में सिटी बस चलाने की घोषणा यूं तो पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां ने साल भर पहले ही कर दी गई थी, लेकिन साल भर के बाद जब शहर को दिसंबर में सिटी बसों के संचालन का तोहफा भी दे दिया गया। चुनाव की घोषणा से ऐन पहले तमाम विकास कार्यों का लोकार्पण नगर विकास मंत्री आजम खां ने शहर को सिटी बस का तोहफा भी देने की भी कवायद की थी। दिसंबर में तत्कालीन नगर विकास मंत्री ने सिटी बसों को दौड़ाने के लिए हरी झंडी दी थी। सिटी बस के संचालन को हरी झंडी तो दे दी गई, लेकिन इस सपने को जमीन पर नहीं उतारा जा सका है।
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इसकी वजह कहीं न कहीं सरकारी सिस्टम की लापरवाही है। शहर में सिटी बस के लिए यूं तो कुल 48 बसें स्वीकृत हैं, जिसमें आठ वोल्वो बसों को भी शामिल किया गया है, लेकिन पहले चरण में परिवहन विभाग को चार बसें ही मिल पाई थीं इसके बाद इतनी ही बसें और मिल गई थीं। उद्घाटन के बाद चार बसों में से दो बसों को कौशांबी के लिए ट्रायल के लिए उतारा गया था, लेकिन कुछ ही दिन में इन बसों को रोक दिया गया। इसकी वजह इन दोनों गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी न होना भी बताई गई है। इन बसों का रूट भी तय न हो पाना है। अब नई सरकार आ चुकी है।
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नई सरकार में भी फिलहाल इन बसोंको संचालित करने का प्लान कोई धूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। चार माह माह के भीतर न तो नगर पालिका और न ही रोडवेज इन बसों को संचालित नहीं करा पाया। लिहाजा इन बसों को फिलहाल नगर पालिका के हैंडओवर कर दिया गया है। यह बसें पालिका में ही धूल चाट रही हैं। नगर पालिका परिषद के माध्यम से इन बसों का संचालन होना है इसलिए रूट व बस के स्टापेज भी इसको ही तैयार करना है। यानि कुल मिलाकर अभी तक सिटी बसों को शहर की सड़कों पर नहीं उतारा गया है। यह बसें कब उतरेंगी इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। आखिर शहर की सड़कों पर सिटी बस कब दौड़ेगी यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है,लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है।