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एडमिशन के लिए कतार शिक्षकों की कुर्सियां खाली
अमर उजाला/ ब्यूरो रामपुर
Updated Tue, 05 Jul 2016 01:02 AM IST
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रामपुर में सोमवार को महिला डिग्री कालेज में एडमिशन फार्म भरती छात्राएं।
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रामपुर के सबसे बड़े राजकीय रजा डिग्री कालेज में टीचरों की बड़ी कमी के साथ नया शिक्षा सत्र शुरू होगा। डिग्री कालेज में टीचरों के 21 पद रिक्त हो गए हैं। रिटायरमेंट और प्रमोशन के साथ नए डिग्री कालेजों में तबादलों ने टीचरों की कमी को ज्यादा बढ़ाया है। छात्राओं के पसंदीदा सब्जेक्ट समाजशास्त्र और मुस्लिम युवाओं की पसंद वाले फारसी विभाग में ताला लटकने की नौबत आ गई है।
राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय शहर का सबसे पुराना कालेज है। उच्च शिक्षा के लिहाज से जिले में यह काफी मायने रखता है। रजा कालेज जिले के छात्र-छात्राओं की हमेशा पहली पसंद रहा है। कालेज में शिक्षकों के 21 से ज्यादा पद इस समय रिक्त चल रहे हैं। अचानक इतनी बढ़ी संख्या में पदों के रिक्त होने की वजह यह है कि यहां पर बरसों से किसी नए शिक्षक की तैनाती नहीं हुई।
पुराने शिक्षक या तो प्रमोशन पाकर दूसरे कालेजों में चले गए अथवा सेवानिवृत्त होते गए। मौजूदा सत्र में पांच टीचर प्रमोशन के साथ दूसरे कालेजों में प्रभारी प्राचार्य बनकर चले गए। सात का तबादला हो गया। छह शिक्षक रिटायर हो गए।
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कुछ टीचरों की पहले से कमी चल रही है। कुल मिलाकर 21 पद रिक्त हो गए हैं। कालेज में रसायन विभाग, हिंदी, राजनीति विज्ञान समेत अन्य विभागों में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई है। इतनी बढ़ी संख्या में शिक्षकों की कमी आने वाले दिनों में पढ़ाई में दिक्कत पैदा कर सकती है।
राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय शहर का सबसे पुराना कालेज है। उच्च शिक्षा के लिहाज से जिले में यह काफी मायने रखता है। रजा कालेज जिले के छात्र-छात्राओं की हमेशा पहली पसंद रहा है। कालेज में शिक्षकों के 21 से ज्यादा पद इस समय रिक्त चल रहे हैं। अचानक इतनी बढ़ी संख्या में पदों के रिक्त होने की वजह यह है कि यहां पर बरसों से किसी नए शिक्षक की तैनाती नहीं हुई।
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पुराने शिक्षक या तो प्रमोशन पाकर दूसरे कालेजों में चले गए अथवा सेवानिवृत्त होते गए। मौजूदा सत्र में पांच टीचर प्रमोशन के साथ दूसरे कालेजों में प्रभारी प्राचार्य बनकर चले गए। सात का तबादला हो गया। छह शिक्षक रिटायर हो गए।
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कुछ टीचरों की पहले से कमी चल रही है। कुल मिलाकर 21 पद रिक्त हो गए हैं। कालेज में रसायन विभाग, हिंदी, राजनीति विज्ञान समेत अन्य विभागों में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई है। इतनी बढ़ी संख्या में शिक्षकों की कमी आने वाले दिनों में पढ़ाई में दिक्कत पैदा कर सकती है।