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सुषमा स्वराज से रामपुर का गहरा नाता, दो बार की थी जनसभा
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रामपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। सुषमा स्वराज का रामपुर से गहरा नाता था, वो दो बार रामपुर में जनसभा करने आईं। दोनों बार की जनसभा उन्होंने मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के लिए लोकसभा चुनाव प्रचार कीं।
सुषमा स्वराज के निधन से भाजपाइयों में शोक की लहर है। भाजपा की स्टार प्रचारक और ओजस्वी वक्ताओं में शुमार सुषमा स्वराज ने रामपुर में किला मैदान में साल 1999 और सिविल लाइंस स्थित आदर्श रामलीला मैदान में साल 2009 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जनसभा को संबोधित किया था। दोनों ही बार उन्होंने मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के समर्थन में जनसभाएं की थीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर महंगाई, गरीबी और आतंकवाद को लेकर निशाना साधा था। सुषमा स्वराज को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हुई थी। इतना ही नहीं सुषमा स्वराज का रामपुर से गहरे रिश्ते की एक और वजह थी। मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर से तीन बार लोकसभा चुनाव लड़े हैं और वो रामपुर को अपनी कर्मभूमि मानते हैं। इसीलिए अब राज्यसभा से संसद पहुंचने के बाद भी नकवी रामपुर लगातार आते रहते हैं। मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर को कर्मभूमि मानते हैं और सुषमा स्वराज उन्हें भाई मानती थीं। इतना ही नहीं सुषमा स्वराज रक्षाबंधन पर मुख्तार अब्बास नकवी को राखी भी बांधती थीं।
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सुषमा स्वराज के निधन से भाजपाइयों में शोक की लहर है। भाजपा की स्टार प्रचारक और ओजस्वी वक्ताओं में शुमार सुषमा स्वराज ने रामपुर में किला मैदान में साल 1999 और सिविल लाइंस स्थित आदर्श रामलीला मैदान में साल 2009 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जनसभा को संबोधित किया था। दोनों ही बार उन्होंने मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के समर्थन में जनसभाएं की थीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर महंगाई, गरीबी और आतंकवाद को लेकर निशाना साधा था। सुषमा स्वराज को सुनने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हुई थी। इतना ही नहीं सुषमा स्वराज का रामपुर से गहरे रिश्ते की एक और वजह थी। मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर से तीन बार लोकसभा चुनाव लड़े हैं और वो रामपुर को अपनी कर्मभूमि मानते हैं। इसीलिए अब राज्यसभा से संसद पहुंचने के बाद भी नकवी रामपुर लगातार आते रहते हैं। मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर को कर्मभूमि मानते हैं और सुषमा स्वराज उन्हें भाई मानती थीं। इतना ही नहीं सुषमा स्वराज रक्षाबंधन पर मुख्तार अब्बास नकवी को राखी भी बांधती थीं।
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