{"_id":"db307141cd1f13f2bad27f2525737da9","slug":"two-died-from-fever-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से व्यापारी की मौत, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से व्यापारी की मौत, दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Sun, 25 Oct 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू की चपेट में आकर अब व्यापारी की मौत हो गई है। जिले में अब तक कई डेंगू पीड़ितों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू से लगातार हो रही मौत के कारण ग्रामीणों में दहशत है। धमोरा में डेंगू से पीड़ित व्यापारी की मौत हो गई। कस्बा निवासी वेदप्रकाश गुप्ता भूसे के व्यापारी थे।
परिचितों के मुताबिक दो दिन पहले वेदप्रकाश गुप्ता को बुखार आया। शनिवार को परिजन उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। अस्पताल में हुई जांचों में वेदप्रकाश गुप्ता की प्लेटलेट्स काफी कम आईं और डेंगू की पुष्टि की गई। बरेली के ही एक दूसरे निजी अस्पताल में उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया।
उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। वहीं, डेंगू पीड़ित की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। रजपुरा सीएचसी प्रभारी डा. मोहित रस्तोगी ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम भेजी जाएगी। टीम ग्रामीणों की स्लाइड बनाएगी। इसके साथ ही गांव में दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।
विज्ञापन
फैजुल्लानगर के हेमराज सिंह पुत्र बाबूराम (45) को तीन माह पहले बुखार आया था। स्थानीय चिकित्सक से इलाज के बाद उन्हें टांडा सीएचसी और फिर मुरादाबाद के साईं में भर्ती कराया गया। उनके अंदर डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो दिन पहले हालत में सुधार नहीं होने और चिकित्सकों की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं देने पर परिजन उन्हें घर ले आए। शनिवार रात ढाई बजे उनकी मौत हो गई। हेमराज की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। टांडा में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की आंखें नहीं खुली हैं।
विभाग की ओर से देहात में कोई स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की हालत भी किसी से छुपी नहीं है। वहां दवा की कमी बनी हुई है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए जिलाधिकारी से टांडा में दवाओं का कोटा बढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन
परिचितों के मुताबिक दो दिन पहले वेदप्रकाश गुप्ता को बुखार आया। शनिवार को परिजन उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। अस्पताल में हुई जांचों में वेदप्रकाश गुप्ता की प्लेटलेट्स काफी कम आईं और डेंगू की पुष्टि की गई। बरेली के ही एक दूसरे निजी अस्पताल में उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया।
विज्ञापन
उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। वहीं, डेंगू पीड़ित की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। रजपुरा सीएचसी प्रभारी डा. मोहित रस्तोगी ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम भेजी जाएगी। टीम ग्रामीणों की स्लाइड बनाएगी। इसके साथ ही गांव में दवा का छिड़काव भी कराया जाएगा।
विज्ञापन
फैजुल्लानगर के हेमराज सिंह पुत्र बाबूराम (45) को तीन माह पहले बुखार आया था। स्थानीय चिकित्सक से इलाज के बाद उन्हें टांडा सीएचसी और फिर मुरादाबाद के साईं में भर्ती कराया गया। उनके अंदर डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दो दिन पहले हालत में सुधार नहीं होने और चिकित्सकों की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं देने पर परिजन उन्हें घर ले आए। शनिवार रात ढाई बजे उनकी मौत हो गई। हेमराज की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। टांडा में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की आंखें नहीं खुली हैं।
विभाग की ओर से देहात में कोई स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की हालत भी किसी से छुपी नहीं है। वहां दवा की कमी बनी हुई है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश प्रकट करते हुए जिलाधिकारी से टांडा में दवाओं का कोटा बढ़ाने की मांग की है।