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Rampur News: यूपीआई भुगतान पर एमडीआर के विरोध में व्यापारी, चस्पा किए नोटिस
Fri, 02 Oct 2026 01:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 02 Oct 2026 01:52 AM IST
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रामपुर। यूपीआई से लेनदेन का विरोध करते हुए व्यापारियों ने शहर के बाजारों में दुकानों पर जाकर ऑनलाइन लेनदेन बंद करने की सलाह दी। व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार इस तरह से शोषण करेगी तो उन्हें यूपीआई लेनदेन बंद करना ही पड़ेगा। इस संबंध में व्यापारियों ने दुकानों पर नोटिस भी चस्पा किए और लोगों को जागरूक किया।
दोपहर करीब एक बजे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में बाजार में भ्रमण किया। इस दौरान पान दरीबा इलाके में दुकानदारों से बातचीत की गई। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि निर्धारित श्रेणी के दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगेगा। किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कपड़ा, मोबाइल और हार्डवेयर जैसे कारोबार में मुनाफे का अंतर सीमित होने के कारण प्रत्येक बड़े डिजिटल भुगतान पर लागत बढ़ना व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर ‘नो यूपीआई डे’ मनाया जाएगा। सभी दुकानदारों से अपनी दुकान पर हाथ से लिखकर ‘आज नो यूपीआई’ का पोस्टर लगाने और दो अक्तूबर को यूपीआई के माध्यम से न तो किसी को भुगतान करने और न ही किसी से भुगतान लेने की अपील की गई। इस मौके पर अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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दोपहर करीब एक बजे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में बाजार में भ्रमण किया। इस दौरान पान दरीबा इलाके में दुकानदारों से बातचीत की गई। जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि निर्धारित श्रेणी के दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगेगा। किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कपड़ा, मोबाइल और हार्डवेयर जैसे कारोबार में मुनाफे का अंतर सीमित होने के कारण प्रत्येक बड़े डिजिटल भुगतान पर लागत बढ़ना व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
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उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर ‘नो यूपीआई डे’ मनाया जाएगा। सभी दुकानदारों से अपनी दुकान पर हाथ से लिखकर ‘आज नो यूपीआई’ का पोस्टर लगाने और दो अक्तूबर को यूपीआई के माध्यम से न तो किसी को भुगतान करने और न ही किसी से भुगतान लेने की अपील की गई। इस मौके पर अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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