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भाई की हत्या के मामले में ग्रामीण व उसके दो बेटों को उम्रकैद
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रामपुर। अदालत ने भाई की हत्या में ग्रामीण और उसके दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है और एक लाख रुपये मृतक के वारिसों को देने के आदेेश दिए हैं।
हत्या की यह वारदात भोट थाना क्षेत्र के ग्राम पेमपुर की है। गांव के मोहम्मद अहमद का अपने भाई नवी अहमद से रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मोहम्मद अहमद की पत्नी इशरत जहां ने भोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अप्रैल 2019 को मोहम्मद अहमद खेत पर गए थे, जहां उनके भाई नवी अहमद और नवी अहमद के बेटे आ गए। तीनों ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को पेड़ पर लटका दिया। जब वो और उनकी बेटी मौके पर गए तो उन्हें देखकर तीनों आरोपी भाग गए। मृतक की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने नवी अहमद, उसके बेटों आले नवी और रिहान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम कोर्ट में चल रही थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि कोर्ट बहस के दौरान अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। उन्होंने कोर्ट में कहा कि गवाहों ने घटना को साबित किया है। उन्होंने तीनों आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। बचाव पक्ष ने रंजिशन झूठा फंसाने की दलील दी। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। जिसमें तीनों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम में से एक लाख रुपये मृतक के वारिसानों को दी जाएगी।
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हत्या की यह वारदात भोट थाना क्षेत्र के ग्राम पेमपुर की है। गांव के मोहम्मद अहमद का अपने भाई नवी अहमद से रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मोहम्मद अहमद की पत्नी इशरत जहां ने भोट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 अप्रैल 2019 को मोहम्मद अहमद खेत पर गए थे, जहां उनके भाई नवी अहमद और नवी अहमद के बेटे आ गए। तीनों ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को पेड़ पर लटका दिया। जब वो और उनकी बेटी मौके पर गए तो उन्हें देखकर तीनों आरोपी भाग गए। मृतक की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने नवी अहमद, उसके बेटों आले नवी और रिहान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम कोर्ट में चल रही थी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि कोर्ट बहस के दौरान अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। उन्होंने कोर्ट में कहा कि गवाहों ने घटना को साबित किया है। उन्होंने तीनों आरोपियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की। बचाव पक्ष ने रंजिशन झूठा फंसाने की दलील दी। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया। जिसमें तीनों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम में से एक लाख रुपये मृतक के वारिसानों को दी जाएगी।
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