{"_id":"57f3fa294f1c1b940a26fcca","slug":"third-day-of-navratri","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां चंद्रघंटा से सदाचारी बनने का वर मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां चंद्रघंटा से सदाचारी बनने का वर मांगा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
रामपुर में मंगलवार को अग्रवाल धर्मशाला मंदिर में आरती करते भक्त और सजा मां का दरबार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नवरात्र के तीसरे दिन देवी मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की गई। भक्तों ने मां से दुष्प्रवृत्तियों को दूर रखने व सदाचारी होने का वर मांगा। मंदिरों में पूरे दिन भक्तों की भीड़ लगी रही।
नवरात्र के चौथे दिन यानि मंगलवार को मंदिरों में देवी मां के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा हुई। शिख पर चंद्र और हाथ में घंटा धारण किए मां के इस स्वरूप से भक्तों ने दुष्प्रवृत्तियों से दूर रखने और सदाचारी बनने का वर मांगा। मंदिरों के पट खुलते ही मां के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने प्रवेश कर मां के मनोहारी स्वरूप की पूजा की। शंख, घंटे-घड़ियाल और मां की आरती से मंदिर और आसपास के क्षेत्र गूंज उठे। पंडित विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि आह्वान, संकल्प और नाद की आराध्य के रूप में मां का यह स्वरूप देवी सरस्वती का रूप है।
विज्ञापन
देवासुर संग्राम में मां चंद्रघंटा ने घंटे के नाद से अनेकानेक असुरों का संहार कर दिया था। शहर के मंदिर महालक्ष्मी मंदिर, गुरुयानी जी मंदिर, दत्ताराम शिवालय, नर्मदेश्वर मंदिर, जिला पंचायत रोड स्थित शिव मंदिर, मनोकामना मंदिर, माई की कुटिया, जोकीराम की बगिया, हरिहर मंदिर, समेत समस्त मंदिरों में पूरे दिन भक्तों की चहल-पहल रही। मंदिरों में शाम को भजन-कीर्तन भी हुआ।
विज्ञापन
बिलासपुर क्षेत्र के डैम कालोनी स्थित दुर्गा पंचायती भवानी मंदिर, काली माता मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर, पंजाबी कालोनी मंदिर, रामपुर रोड का शिव मंदिर, कायस्थान में मढ़ी का मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर, शिवबाग मंडी का शिव मंदिर, मनोरम मंदिर, परेवा फार्म में मनोकामना मंदिर, चंदायन मंदिर, ग्राम डंडिया का दुर्गा मंदिर में भी पूजा अर्चना का सिलसिला चला।
शाम को महिलाओं ने मंदिरों व घरों में दुर्गा मैया के छंद गाए। शाम को आरती के पश्चात फलाहार के साथ ब्रत को विश्राम दिया गया। उधर, केमरी, भोट व खजुरिया के मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई। स्वार क्षेत्र में नवरात्र के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने माता चंद्रघंटा देवी की आराधना कर उपवास रखकर मन्नते मांगी। नवरात्र के दिनों में मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है भक्ताें द्वारा मंदिरों पर कीर्तन भजन किये जा रहे है।