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चैत्र नवरात्र: मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना कर लिया आशीष
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रामपुर। चैत्र नवरात्र पर मंदिरों में माता चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना करने को श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने उपवास रखकर मां दुर्गा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिरों में यज्ञ, सप्तशती का पाठ हुआ। दोपहर में महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर माता का गुणगान किया। मंदिरों में सुबह और शाम को हुई आरती में भक्तों की भीड़ उमड़ी। महामाईं के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की। मां चंद्रघंटा की आराधना कर शांति और समृद्धि का वर मांगा। सुबह को श्रद्धालुओं ने घरों में विधिवत पूजन किया और इसके बाद नवरात्र व्रत की कथा का पाठ किया और फिर दुर्गा चालीसा और आरती की। अज्ञारी में कपूर-लौंग के साथ पूजन किया। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। मातारानी को चूड़ी, सिंदूर, बिंदिया, चुनरी आदि श्रृंगार का सामान अर्पित किया। इसके साथ ही मेवे और फल अर्पित कर आरती की। माता को लौंग और पुष्प भी अर्पित किए। टांडा में नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। कोतवाली स्थित मंदिर के पुजारी ने बताया कि तीसरे दिन मां चंद्रघटा की पूजा करने वाले साधकों को तेज की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा को देवी पार्वती का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में देवी मां की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की। मां चंद्रघंटा की आराधना कर शांति और समृद्धि का वर मांगा। सुबह को श्रद्धालुओं ने घरों में विधिवत पूजन किया और इसके बाद नवरात्र व्रत की कथा का पाठ किया और फिर दुर्गा चालीसा और आरती की। अज्ञारी में कपूर-लौंग के साथ पूजन किया। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। मातारानी को चूड़ी, सिंदूर, बिंदिया, चुनरी आदि श्रृंगार का सामान अर्पित किया। इसके साथ ही मेवे और फल अर्पित कर आरती की। माता को लौंग और पुष्प भी अर्पित किए। टांडा में नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। कोतवाली स्थित मंदिर के पुजारी ने बताया कि तीसरे दिन मां चंद्रघटा की पूजा करने वाले साधकों को तेज की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा को देवी पार्वती का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में देवी मां की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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