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Rampur News: टांडा में बस अड्डा नहीं, यात्री धूप में खड़े होने को मजबूर
Wed, 29 Apr 2026 12:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:37 AM IST
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टांडा। उद्योगों के चलते सरकार को अच्छा खासा राजस्व देने वाला करीब डेढ़ लाख आबादी का टांडा नगर आज भी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े नगर में अब तक बस अड्डा नहीं बन सका है। नतीजतन, रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर में बसों के रुकने के लिए स्थान तो निर्धारित है, लेकिन वहां यात्रियों के बैठने या धूप-बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में लोग खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर बस का इंतजार करते हैं, जबकि बारिश में भीगना उनकी मजबूरी बन जाती है। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
अन्य नगरों और शहरों में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने कोटे से यात्री शेड बनवाए गए हैं, लेकिन टांडा इस मामले में पूरी तरह पीछे है। यहां न तो विधायक और न ही सांसद द्वारा एक भी यात्री शेड बनवाया गया है। वहीं नगर पालिका भी इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन नजर आ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
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यात्रियों की जुबानी
हम लोग रोजाना बस का इंतजार करने के लिए सड़क किनारे खड़े रहते हैं। तेज धूप में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती है और कोई छाया तक नहीं मिलती। अगर यात्री शेड बन जाए तो बहुत राहत मिलेगी। -हरिराम
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बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करना सबसे मुश्किल हो जाता है। बस अड्डा न होने से घंटों सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है और बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे काफी परेशानी होती है। -धीरेंद्र सिंह
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बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। भीगते हुए बस का इंतजार करना पड़ता है और सामान भी खराब हो जाता है। कई बार तो मजबूरी में सफर टालना पड़ता है। -आकाश
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जहां बस रुकती है वहां कोई इंतजाम नहीं है। न बैठने की जगह है और न ही छांव, जिससे हर बार इंतजार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। - वसीम अहमद
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नगर पालिका से वार्ता कर जल्द ही यात्रियों के लिए यात्री शेड की व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। -राजकुमार भास्कर, एसडीएम
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नगर में बसों के रुकने के लिए स्थान तो निर्धारित है, लेकिन वहां यात्रियों के बैठने या धूप-बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में लोग खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर बस का इंतजार करते हैं, जबकि बारिश में भीगना उनकी मजबूरी बन जाती है। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
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अन्य नगरों और शहरों में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने कोटे से यात्री शेड बनवाए गए हैं, लेकिन टांडा इस मामले में पूरी तरह पीछे है। यहां न तो विधायक और न ही सांसद द्वारा एक भी यात्री शेड बनवाया गया है। वहीं नगर पालिका भी इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन नजर आ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
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यात्रियों की जुबानी
हम लोग रोजाना बस का इंतजार करने के लिए सड़क किनारे खड़े रहते हैं। तेज धूप में खड़े-खड़े हालत खराब हो जाती है और कोई छाया तक नहीं मिलती। अगर यात्री शेड बन जाए तो बहुत राहत मिलेगी। -हरिराम
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बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करना सबसे मुश्किल हो जाता है। बस अड्डा न होने से घंटों सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है और बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे काफी परेशानी होती है। -धीरेंद्र सिंह
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बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। भीगते हुए बस का इंतजार करना पड़ता है और सामान भी खराब हो जाता है। कई बार तो मजबूरी में सफर टालना पड़ता है। -आकाश
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जहां बस रुकती है वहां कोई इंतजाम नहीं है। न बैठने की जगह है और न ही छांव, जिससे हर बार इंतजार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। - वसीम अहमद
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नगर पालिका से वार्ता कर जल्द ही यात्रियों के लिए यात्री शेड की व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके। -राजकुमार भास्कर, एसडीएम