{"_id":"607c74098ebc3e591f4961d4","slug":"the-worship-of-god-and-the-worship-of-allah-behind-the-bars-of-prison-rampur-news-mbd3867382101","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल की सलाखों के पीछे चल रही ईश्वर की पूजा और अल्लाह की इबादत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल की सलाखों के पीछे चल रही ईश्वर की पूजा और अल्लाह की इबादत
विज्ञापन
रामपुर। परिस्थितियों, आवेश या कोई भी दूसरी वजह, जिसने उन्हें कानून की नजर में तो अपराधी बना दिया लेकिन, ऊपर वाले की अदालत में वो भी अपने कर्म का हिसाब पूजा और इबादत के साथ रख रहे हैं। जिला कारागार में बंद 510 बंदी नवरात्र के व्रत और रमजान माह में रोजे रखकर दिन-रात पूजा और इबादत कर अपने ईश्वर से कृपा और खुदा से रहमतों की मांग कर रहे हैं।
इन दिनों पवित्र नवरात्र और मुकद्दस रमजान माह चल रहा है। रविवार को श्रद्धालुओं ने छठा नवरात्र व्रत रखकर मां भगवती से सुख-समृद्धि के साथ सभी कष्टों के समाप्त होने की कामना की। वहीं माह-ए-रमजान में रविवार को पांचवां रोजा रखकर रोजेदारों ने अल्लाह तआला की इबादत कर रहमतों की दुआ की। पूजा और इबादत को लेकर यह आस्था भाव जेल की चाहरदीवारी के अंदर भी है। जेल की सलाखों के पीछे जीवन गुजार रहे सैकड़ों बंदी इन दिनों रोजेदार हैं और नवरात्र के व्रत रख रहे हैं। जरायम की दुनिया से जो उनके नाम के साथ अपराधी का धब्बा लगा है उसे वो भले ही कोर्ट का फैसला अपने पक्ष में आने के बाद हटा सकें लेकिन, ऊपर वाले की अदालत में ये बंदी अपने कर्म और पूजा-इबादत का हिसाब रखकर गुनाहों से माफी मांगते हुए रहमतों की दुआ कर रहे हैं। जिला कारागार में इन दिनों 330 बंदी माह ए रमजान में रोजे रख रहे हैं तो 180 बंदी नवरात्र के व्रत रख रहे हैं। जिला कारागार प्रशासन की ओर से इन बंदियों को व्रत और रोजे रखने के लिए सुविधा दी जा रही है। रोजेदारों के लिए सहरी से लेकर इफ्तार तक और नवरात्र का व्रत रखने वालों के लिए फलाहार का इंतजाम किया जा रहा है।
जिला कारागार में 330 बंदी रोजा रख रहे हैं और 180 बंदी नवरात्र व्रत रख रहे हैं। इन बंदियों के सहरी-इफ्तार और फलाहार की व्यवस्था की जा रही है।
- पीडी सलोनिया, जिला कारागार अधीक्षक
विज्ञापन
इन दिनों पवित्र नवरात्र और मुकद्दस रमजान माह चल रहा है। रविवार को श्रद्धालुओं ने छठा नवरात्र व्रत रखकर मां भगवती से सुख-समृद्धि के साथ सभी कष्टों के समाप्त होने की कामना की। वहीं माह-ए-रमजान में रविवार को पांचवां रोजा रखकर रोजेदारों ने अल्लाह तआला की इबादत कर रहमतों की दुआ की। पूजा और इबादत को लेकर यह आस्था भाव जेल की चाहरदीवारी के अंदर भी है। जेल की सलाखों के पीछे जीवन गुजार रहे सैकड़ों बंदी इन दिनों रोजेदार हैं और नवरात्र के व्रत रख रहे हैं। जरायम की दुनिया से जो उनके नाम के साथ अपराधी का धब्बा लगा है उसे वो भले ही कोर्ट का फैसला अपने पक्ष में आने के बाद हटा सकें लेकिन, ऊपर वाले की अदालत में ये बंदी अपने कर्म और पूजा-इबादत का हिसाब रखकर गुनाहों से माफी मांगते हुए रहमतों की दुआ कर रहे हैं। जिला कारागार में इन दिनों 330 बंदी माह ए रमजान में रोजे रख रहे हैं तो 180 बंदी नवरात्र के व्रत रख रहे हैं। जिला कारागार प्रशासन की ओर से इन बंदियों को व्रत और रोजे रखने के लिए सुविधा दी जा रही है। रोजेदारों के लिए सहरी से लेकर इफ्तार तक और नवरात्र का व्रत रखने वालों के लिए फलाहार का इंतजाम किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिला कारागार में 330 बंदी रोजा रख रहे हैं और 180 बंदी नवरात्र व्रत रख रहे हैं। इन बंदियों के सहरी-इफ्तार और फलाहार की व्यवस्था की जा रही है।
- पीडी सलोनिया, जिला कारागार अधीक्षक