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Rampur News: स्वच्छता मिशन पर भ्रष्टाचार की कालिख
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रामपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाने के लिए सरकार ने घरों के साथ ही सार्वजनिक शौचालय बनवाए हैं। हालांकि, स्वच्छता के इस मिशन पर भ्रष्टाचार की कालिख पोत दी गई। कई गांवों में शौचालय तो बना दिए गए, लेकिन सेप्टिक टैंकों का निर्माण ही नहीं कराया गया। इसके चलते ये शौचालय किसी काम के नहीं हैं। अमर उजाला ने 19 मई के अंक में ''लाखों फूंक डाले, कहीं जर्जर हालत तो कहीं लटके ताले'' शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी। शहर से लेकर ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालयों की पड़ताल की थी। जिसमें स्वार क्षेत्र के कई गांवों में सामुदायिक शौचालयों में गड़बड़ी सामने आई है। स्वार क्षेत्र के धनौरी गांव में प्रधान ने शौचालय खड़े कर दिए, लेकिन उनके सेप्टिक टैंक नहीं बनवाए।
घोटाला छिपाने के लिए धनौरी गांव में सेप्टिक टैंक बनवाए बिना ही स्लैब बनवाकर रखवा दिए गए, जिससे लोगों के यह लगे कि सेप्टिक टैंक बना हुआ है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद ग्राम धनौरी में ठेकेदार ने जेसीबी से सेप्टिक टैंक के गड्ढे की खोदाई शुरू कराई। सेप्टिक टैंक न होने के कारण सामुदायिक शौचालय पर ताले लटके थे। लाखों फूंकने के बाद भी इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
ऐसी ही गड़बड़ी अन्य गांवों में भी सामने आई है। इस गांव के पास ही गांव धनौरा सेप्टिक टैंक बनाया गया, लेकिन शौचालय पर ताले लटके हैं। लाड़पुर, बधुआखेड़ा में भी शौचालयों का हाल काफी खराब है। डीपीआरओ जाहिद हुसैन ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों को साढ़े चार लाख रुपये सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए दिए गए थे। शौचालयों के संचालन के लिए प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं।
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सामुदायिक शौचालयों के संचालन न होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। कई गांवों में शौचालयों के सेप्टिक टैंक न बनाकर औपचारिकता निभाने की भी शिकायत मिली है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय शुरू करने के निर्देश दिए हैं। - जोगिंदर सिंह, डीएम, रामपुर
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निर्माण के बाद कभी शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हुआ। शौचालय पर ताले ही लटके हैं। प्रधान ने भी सेप्टिक टैंक की सुध नहीं ली थी। - सुभाष ठाकुर, गांव धनौरी
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सामुदायिक शौचालय जब से बना है तब से ताले पड़े हुए हैं। शिकायत करने के बाद इनका संचालन शुरू नहीं किया गया। सेप्टिक टैंक बना है या नहीं या देखना प्रधान की जिम्मेदारी थी। - ओमप्रकाश, शिवनगर लाड़पुर
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शौचालय के निर्माण के बाद वह जर्जर हो गए हैं। उनकी दोबारा मरम्मत की जा रही है। आज तक लोगों के लिए शौचालयों के ताले नहीं खोले गए हैं। - मनोज कुमार, शिवनगर लाड़पुर
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घोटाला छिपाने के लिए धनौरी गांव में सेप्टिक टैंक बनवाए बिना ही स्लैब बनवाकर रखवा दिए गए, जिससे लोगों के यह लगे कि सेप्टिक टैंक बना हुआ है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद ग्राम धनौरी में ठेकेदार ने जेसीबी से सेप्टिक टैंक के गड्ढे की खोदाई शुरू कराई। सेप्टिक टैंक न होने के कारण सामुदायिक शौचालय पर ताले लटके थे। लाखों फूंकने के बाद भी इनका इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
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ऐसी ही गड़बड़ी अन्य गांवों में भी सामने आई है। इस गांव के पास ही गांव धनौरा सेप्टिक टैंक बनाया गया, लेकिन शौचालय पर ताले लटके हैं। लाड़पुर, बधुआखेड़ा में भी शौचालयों का हाल काफी खराब है। डीपीआरओ जाहिद हुसैन ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों को साढ़े चार लाख रुपये सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए दिए गए थे। शौचालयों के संचालन के लिए प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं।
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सामुदायिक शौचालयों के संचालन न होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। कई गांवों में शौचालयों के सेप्टिक टैंक न बनाकर औपचारिकता निभाने की भी शिकायत मिली है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय शुरू करने के निर्देश दिए हैं। - जोगिंदर सिंह, डीएम, रामपुर
निर्माण के बाद कभी शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हुआ। शौचालय पर ताले ही लटके हैं। प्रधान ने भी सेप्टिक टैंक की सुध नहीं ली थी। - सुभाष ठाकुर, गांव धनौरी
सामुदायिक शौचालय जब से बना है तब से ताले पड़े हुए हैं। शिकायत करने के बाद इनका संचालन शुरू नहीं किया गया। सेप्टिक टैंक बना है या नहीं या देखना प्रधान की जिम्मेदारी थी। - ओमप्रकाश, शिवनगर लाड़पुर
शौचालय के निर्माण के बाद वह जर्जर हो गए हैं। उनकी दोबारा मरम्मत की जा रही है। आज तक लोगों के लिए शौचालयों के ताले नहीं खोले गए हैं। - मनोज कुमार, शिवनगर लाड़पुर