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गुलाम गौस की नर्सरी के पौधे महका रहे स्कूल-कारखाने

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 12:49 AM IST
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The nursery plants of Ghulam Gaus were blossoming in the school-factory.
स्वार। गेहूं, धान और गन्ने की फसलों से लोगों की अब दूरी बढ़ती जा रही है। क्योंकि कम जमीन वाले किसानों को इसमें अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर नगर पंचायत नरपत नगर दुंदावाला के किसान गुलाम गौस ने कई वर्षों से डेढ़ एकड़ भूमि में नर्सरी लगाकर अपना व्यवसाय शुरू कर रखा है। धीरे-धीरे व्यवसाय इतना बढ़ गया कि उसके नर्सरी के पौधों की खुशबू स्कूल भवनों फैक्टरियों सरकारी भवनों व उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई जिलों के फार्म हाउस पर महका रही है।
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स्वार तहसील की नगर पंचायत नरपत नगर दुंदावाला के रहने वाले गुलाम गौस की पहचान क्षेत्र में बाजपुर मार्ग किनारे गौसिया नर्सरी से है। जिसमें सैकड़ों प्रजातियों के फूलों के साथ-साथ फलों के भी पौधे मौजूद है। कभी उनके परिवार के साथ मात्र पांच बीघा जमीन थी। खेती से गुजरा मुश्किल होता था। गरीबी के चलते पढ़ाई भी प्राइमरी स्तर तक ही हो सकी थी। भूमि में धान गेहूं की फसल की गई लेकिन उन्हें इससे कोई लाभ नहीं हुआ और परिवार का गुजर बसर करने में भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। ऐसे में उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और पारंपरिक खेती से हटकर उन्होंने खेत के छोटे से हिस्से पर पपीते की पौध तैयार की। पहली पौध कामयाब नहीं हुई तो उत्तराखंड के पंतनगर से जानकारी कर दोबारा पौध तैयार की। जिससे उसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए। इस बीच कई शहरों में घूमते हुए फूलों के पौधे बिकते देखे तो उन्होंने भी इस व्यवसाय को अपनाने की सोची। उन्होंने नर्सरी में फूलों की पौध लगाकर इंडोर प्लांट तैयार किए। जिसके बाद फ्रंट प्लांट फिर टिंबर प्लांट की पौध तैयार करने लगे। पौधों से प्यार हुआ तो पर्यावरण को स्वच्छ करने का ख्याल मन में आया। लोगों पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित करने लगे। वर्तमान में उनकी नर्सरी में टिंबर प्लांट के रूप में यूकेलिप्टिस, पापुलर, सागौन, नीम, सेमल, बकान आदि की पौध मिल रही है। फूलों की सदाबहार ओर मौसमी किस्म की भी पौध मिल रही थी है। गुलाब के ही उनके पास 12 रंगों के पौधों की नर्सरी है। जिसे लोग दूरदराज से आकर ले जा रहे है। गुलाम गौस की नर्सरी के पौधों की महक तहसील क्षेत्र सहित उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के फार्म हाउस, सरकारी भवनों, होटलों, विद्यालयों, कॉलेजों, फैक्टरियों को महका रही है। अपने यहां बगीचा तैयार कराने को भी लोग उन्हें दूर-दूर से बुला रहे हैं।
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दुनिया भर के पौधों के बारे में इंटरनेट से जानकारी कर करते है प्रयोग
स्वार। गौसिया नर्सरी संचालक गुलाम गौस ने बताया कि नर्सरी करने से उनका व्यवसाय काफी बढ़ गया है। अब उनके पास छह से आठ लोग प्रतिदिन नर्सरी में काम कर रोजगार भी प्राप्त कर रहे है। वहीं काफी संख्या में लोग आकर नर्सरी से आकर पौधों को उनसे लेकर दूरदराज के शहरों में फेरी कर बेचते है। वह बताते है कि इंटरनेट के द्वारा अब वह दुनिया भर के पौधों के बारे में जानकारी भी करते है और उनका प्रयोग अपनी नर्सरी में करते है। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना उनका मकसद बन गया है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने का आह्वान किया।
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राष्ट्रीय पर्वों पर निशुल्क होता है पौधों का वितरण
स्वार। अपनी नर्सरी के प्रचार प्रसार के लिए गुलाम गौस राष्ट्रीय पर्वों, पर्यावरण दिवस पर अपनी नर्सरी से निशुल्क पेड़ पौधों का वितरण करते है। लोगों से अपने घर आंगन खेत खलिहानों में सुंदर सुंदर पेड़ पौधे लगाने की अपील भी करते है।
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