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किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना देकर जताया विरोध
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रामपुर/बिलासपुर। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गुरुवार को रामपुर और बिलासपुर में रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। हालांकि इस दौरान कोई ट्रेन नहीं आई। रामपुर जिले में कहीं भी कोई ट्रेन नहीं रोकी गई। किसानों ने रामपुर में लगभग 15 मिनट तक और बिलासपुर में डेढ़ घंटे तक धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। किसानों ने रेलवे ट्रैक पर ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया।
कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान संगठनों ने गुरुवार को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक रेल रोकने का एलान किया था। जिले में किसानों की रामपुर और बिलासपुर में ट्रेन रोकने की योजना थी। हालांकि यह पहले ही साफ हो गया था कि धरने के दौरान कोई ऐसी ट्रेन नहीं आएगी जिसका स्टॉपेज रामपुर और बिलासपुर में हो। किसानों के ट्रेन रोकने के एलान के मद्देनजर गुरुवार की सुबह से पुलिस की तैनाती रामपुर और बिलासपुर के रेलवे स्टेशन पर कर दी गई थी। रामपुर में भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। प्लेटफार्म पर जाने के बाद किसान ट्रैक पर उतर गए और वहीं धरने पर बैठ गए। रामपुर में किसानों की योजना रेल यात्रियों पर फूल बरसाने की थी, लेकिन इस दौरान कोई ट्रेन ही नहीं आई। ट्रैक पर बैठे किसानों से सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा और सीओ सिटी वीके शर्मा ने बात की। अधिकारियों की बात मानते हुए किसानों ने ट्रैक पर ही सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद किसान ट्रैक से उठकर प्लेटफार्म पर आ गए। यहां कुछ देर बैठने के बाद किसान वापस लौट गए। इस दौरान संजीव बालियान, विनोद यादव, वीरेंद्र सिंह, मोहम्मद मुस्तकीम, रामदास मोरिया, डॉक्टर फूल सिंह, राम अवतार, रविंद्र सिंह, गुड्डू खान, नरोत्तम, सुधीश बालियान, संतराम, जयपाल सिंह, खिलेंद्र, दिलबाग सिंह, छेदन लाल, छत्रपाल, राजाराम, रामवीर सिंह, मोहर सिंह और वीर सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
बिलासपुर में किसानों ने डेढ़ घंटे तक दिया ट्रैक पर धरना
वहीं बिलासपुर में तीनों कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए किसानों ने गुरुवार को रामपुर काठगोदाम रेलवे लाइन पर करीब डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसानों ने पुलिस प्रशासन के सामने ही रेलवे ट्रैक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं होते, तब तक उनका विरोध बरकरार रहेगा।
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गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे तयशुदा कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले तमाम किसान स्थानीय रेलवे स्टेशन के कोठाजागीर क्रासिंग पर पहुंचे। भारी पुलिस प्रशासन व पीएसी के सामने ही किसानों ने रामपुर काठगोदाम रेलवे मार्ग पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही दरियां बिछाकर धरना देना शुरू कर दिया। सीओ अनुज कुमार चौधरी, तहसीलदार रणविजय सिंह, कोतवाली प्रभारी बृजेश सिंह यादव, जीआरपी रुद्रपुर के चौकी प्रभारी सुल्तान अहमद, आरपीएफ के गुलाब सिंह राना, खजुरिया, केमरी, मिलक खानम पुलिस व पीएसी के साथ पहुंच गए। पुलिस प्रशासन ने किसानों से रेलवे लाइन से हटने को भी कहा, मगर किसान नहीं माने। उनका कहना था कि हाईकमान के आदेश पर वह लोग रेलवे लाइन पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दोपहर डेढ़ बजे किसानों ने धरने को स्वयं ही खत्म कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में अमरजीत सिंह ढिल्लो, संतोष कुमार शर्मा, सुखविंदर सिंह चीमा, मोहम्म्द हसन, मोहम्मद हनीफ वारसी, गुरविंदर सिंह पन्नू, जगीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, मोहम्मद सलीम वारसी, डॉ. जनकराज सिंह, गुरमुख सिंह, बलवीर सिंह गंगवार, शमशेर सिंह, दलजीत सिंह, अमरीक सिंह, रोहित शर्मा, निशान सिंह, जगदीश सिंह, प्यारा सिंह, राधेश्याम लोधी, जसविंदर सिंह बाजवा, बलकार सिंह, सिद्दीक अहमद, हरविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह आदि मुख्य थे।
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पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर ही कर दी फूलों की वर्षा
रामपुर। रेल रोको अभियान के दौरान भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने रेल यात्रियों पर फूलों की वर्षा करने का एलान किया था। धरने के दौरान कोई ट्रेन तो आई नहीं। ऐसे में जब किसानों ने धरना समाप्त किया तो उन्होंने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर ही फूलों की वर्षा कर दी।
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कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े किसान संगठनों ने गुरुवार को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक रेल रोकने का एलान किया था। जिले में किसानों की रामपुर और बिलासपुर में ट्रेन रोकने की योजना थी। हालांकि यह पहले ही साफ हो गया था कि धरने के दौरान कोई ऐसी ट्रेन नहीं आएगी जिसका स्टॉपेज रामपुर और बिलासपुर में हो। किसानों के ट्रेन रोकने के एलान के मद्देनजर गुरुवार की सुबह से पुलिस की तैनाती रामपुर और बिलासपुर के रेलवे स्टेशन पर कर दी गई थी। रामपुर में भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। प्लेटफार्म पर जाने के बाद किसान ट्रैक पर उतर गए और वहीं धरने पर बैठ गए। रामपुर में किसानों की योजना रेल यात्रियों पर फूल बरसाने की थी, लेकिन इस दौरान कोई ट्रेन ही नहीं आई। ट्रैक पर बैठे किसानों से सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा और सीओ सिटी वीके शर्मा ने बात की। अधिकारियों की बात मानते हुए किसानों ने ट्रैक पर ही सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद किसान ट्रैक से उठकर प्लेटफार्म पर आ गए। यहां कुछ देर बैठने के बाद किसान वापस लौट गए। इस दौरान संजीव बालियान, विनोद यादव, वीरेंद्र सिंह, मोहम्मद मुस्तकीम, रामदास मोरिया, डॉक्टर फूल सिंह, राम अवतार, रविंद्र सिंह, गुड्डू खान, नरोत्तम, सुधीश बालियान, संतराम, जयपाल सिंह, खिलेंद्र, दिलबाग सिंह, छेदन लाल, छत्रपाल, राजाराम, रामवीर सिंह, मोहर सिंह और वीर सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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बिलासपुर में किसानों ने डेढ़ घंटे तक दिया ट्रैक पर धरना
वहीं बिलासपुर में तीनों कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए किसानों ने गुरुवार को रामपुर काठगोदाम रेलवे लाइन पर करीब डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसानों ने पुलिस प्रशासन के सामने ही रेलवे ट्रैक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं होते, तब तक उनका विरोध बरकरार रहेगा।
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गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे तयशुदा कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले तमाम किसान स्थानीय रेलवे स्टेशन के कोठाजागीर क्रासिंग पर पहुंचे। भारी पुलिस प्रशासन व पीएसी के सामने ही किसानों ने रामपुर काठगोदाम रेलवे मार्ग पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही दरियां बिछाकर धरना देना शुरू कर दिया। सीओ अनुज कुमार चौधरी, तहसीलदार रणविजय सिंह, कोतवाली प्रभारी बृजेश सिंह यादव, जीआरपी रुद्रपुर के चौकी प्रभारी सुल्तान अहमद, आरपीएफ के गुलाब सिंह राना, खजुरिया, केमरी, मिलक खानम पुलिस व पीएसी के साथ पहुंच गए। पुलिस प्रशासन ने किसानों से रेलवे लाइन से हटने को भी कहा, मगर किसान नहीं माने। उनका कहना था कि हाईकमान के आदेश पर वह लोग रेलवे लाइन पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दोपहर डेढ़ बजे किसानों ने धरने को स्वयं ही खत्म कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में अमरजीत सिंह ढिल्लो, संतोष कुमार शर्मा, सुखविंदर सिंह चीमा, मोहम्म्द हसन, मोहम्मद हनीफ वारसी, गुरविंदर सिंह पन्नू, जगीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, मोहम्मद सलीम वारसी, डॉ. जनकराज सिंह, गुरमुख सिंह, बलवीर सिंह गंगवार, शमशेर सिंह, दलजीत सिंह, अमरीक सिंह, रोहित शर्मा, निशान सिंह, जगदीश सिंह, प्यारा सिंह, राधेश्याम लोधी, जसविंदर सिंह बाजवा, बलकार सिंह, सिद्दीक अहमद, हरविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह आदि मुख्य थे।
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पुलिस कर्मियों और अधिकारियों पर ही कर दी फूलों की वर्षा
रामपुर। रेल रोको अभियान के दौरान भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने रेल यात्रियों पर फूलों की वर्षा करने का एलान किया था। धरने के दौरान कोई ट्रेन तो आई नहीं। ऐसे में जब किसानों ने धरना समाप्त किया तो उन्होंने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर ही फूलों की वर्षा कर दी।