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Rampur News: शिक्षकों ने बीएसए पर लगाया मनमाने ढंग से समायोजन करने का आरोप, प्रदर्शन
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शिक्षक संघ ने जारी की गई 117 शिक्षकों की सूची को निरस्त करने की मांग पर सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। परिषदीय स्कूलों में समायोजित किए गए 117 शिक्षकों ने नियम विरुद्ध समायोजन करने का आरोप लगाते हुए बीएसए कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए कहा कि समायोजन में नियमों की अनदेखी की गई है। बीएसए पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना शिक्षकों की मर्जी जाने एक बंद कमरे में बैठकर समायोजन किया गया है, जो नियम विरुद्ध है। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर समायोजन सूची को रद्द करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू ने कहा कि बीएसए ने जनपद में 117 बेसिक शिक्षकों का समायोजन आदेश अत्यंत मनमाने एवं नियम विरुद्ध ढंग से जारी किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता बरती गई है और न ही निर्धारित नियमों का पालन किया गया है, जिससे जनपद के शिक्षकों में व्यापक असंतोष एवं रोष व्याप्त है।
बाबाू ने कहा कि शिक्षक तैनाती नियमावली के अनुसार किसी एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में पदस्थापना काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिसमें दिव्यांग शिक्षकों को प्रथम वरीयता, महिला शिक्षकों को द्वितीय वरीयता तथा पुरुष शिक्षकों को अंतिम वरीयता प्रदान की जाती है लेकिन जारी सूची में नियमों का पूर्णता उल्लंघन किया गया है और विद्यालयों का आवंटन भी मनमाने ढंग से किया गया है।
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वहीं संघ के जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया से पूर्व न तो रिक्त विद्यालयों की सूची सार्वजनिक की गई और न ही उन शिक्षकों की सूची प्रकाशित की गई जिनका समायोजन प्रस्तावित था। शिक्षकों ने समायोजन सूची को निरस्त करने की मांग की है।
इस दौरान अंजुम स्नेही सक्सेना, महेंद्र प्रताप सिंह, सतीश गिरोह, भानु प्रताप सिंह, रश्मि शर्मा, कुलसुम परवीन, गुड्डो देवी, अनीता, शीतल, राजेश कुमार, अरशद अली आदि मौजूद रहे।
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रिलीव बाबू को कार्यालय में काम करते देख भड़के शिक्षक
रामपुर। शुक्रवार को बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे और कार्यालय को ठेके पर तथा रात में संचालित किए जाने का आरोप लगाया। इस दौरान जब शिक्षकों ने रिलीव बाबू को कार्यालय में कार्य करते देखा तो वे आक्रोशित हो गए। शिक्षकों का गुस्सा देख संबंधित बाबू कार्यालय के पिछले गेट से निकल गए। समायोजन को लेकर शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे तो बीएसए अपने कार्यालय पर नही थीं। काफी इंतजार के बाद भी बीएसए के कार्यालय नहीं पहुंचने पर आक्रोशित होकर शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर समायोजन सूची निरस्त करने की मांग की। संवाद
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समायोजन को लेकर शिक्षकों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम, रामपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। परिषदीय स्कूलों में समायोजित किए गए 117 शिक्षकों ने नियम विरुद्ध समायोजन करने का आरोप लगाते हुए बीएसए कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन करते हुए कहा कि समायोजन में नियमों की अनदेखी की गई है। बीएसए पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना शिक्षकों की मर्जी जाने एक बंद कमरे में बैठकर समायोजन किया गया है, जो नियम विरुद्ध है। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर समायोजन सूची को रद्द करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू ने कहा कि बीएसए ने जनपद में 117 बेसिक शिक्षकों का समायोजन आदेश अत्यंत मनमाने एवं नियम विरुद्ध ढंग से जारी किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता बरती गई है और न ही निर्धारित नियमों का पालन किया गया है, जिससे जनपद के शिक्षकों में व्यापक असंतोष एवं रोष व्याप्त है।
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बाबाू ने कहा कि शिक्षक तैनाती नियमावली के अनुसार किसी एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में पदस्थापना काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिसमें दिव्यांग शिक्षकों को प्रथम वरीयता, महिला शिक्षकों को द्वितीय वरीयता तथा पुरुष शिक्षकों को अंतिम वरीयता प्रदान की जाती है लेकिन जारी सूची में नियमों का पूर्णता उल्लंघन किया गया है और विद्यालयों का आवंटन भी मनमाने ढंग से किया गया है।
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वहीं संघ के जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि समायोजन प्रक्रिया से पूर्व न तो रिक्त विद्यालयों की सूची सार्वजनिक की गई और न ही उन शिक्षकों की सूची प्रकाशित की गई जिनका समायोजन प्रस्तावित था। शिक्षकों ने समायोजन सूची को निरस्त करने की मांग की है।
इस दौरान अंजुम स्नेही सक्सेना, महेंद्र प्रताप सिंह, सतीश गिरोह, भानु प्रताप सिंह, रश्मि शर्मा, कुलसुम परवीन, गुड्डो देवी, अनीता, शीतल, राजेश कुमार, अरशद अली आदि मौजूद रहे।
रिलीव बाबू को कार्यालय में काम करते देख भड़के शिक्षक
रामपुर। शुक्रवार को बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे और कार्यालय को ठेके पर तथा रात में संचालित किए जाने का आरोप लगाया। इस दौरान जब शिक्षकों ने रिलीव बाबू को कार्यालय में कार्य करते देखा तो वे आक्रोशित हो गए। शिक्षकों का गुस्सा देख संबंधित बाबू कार्यालय के पिछले गेट से निकल गए। समायोजन को लेकर शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे तो बीएसए अपने कार्यालय पर नही थीं। काफी इंतजार के बाद भी बीएसए के कार्यालय नहीं पहुंचने पर आक्रोशित होकर शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर समायोजन सूची निरस्त करने की मांग की। संवाद
समायोजन को लेकर शिक्षकों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम, रामपुर