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साढ़े सात हजार अभ्यर्थी देंगे शिक्षक पात्रता परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Mon, 01 Feb 2016 11:42 PM IST
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सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए साढ़े सात हजार अभ्यर्थी जिले के 10 केंद्रों पर दो पाली में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में भाग लेंगे। शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहेंगे।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस साल भी परीक्षा का आयोजन मंगलवार को प्रदेश भर में एक साथ कराया जाएगा। रामपुर मेें ये परीक्षा दस केंद्रों पर होगी। इसमें 7665 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियों को पूरा कर लिया है। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक सेंटर पर पर्यवेक्षक भी बना दिए गए हैं। नकल विहीन परीक्षा हो इसके लिए शहर को चार सेक्टरों में बांट दिया है। इनमें मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। दस परीक्षा केंद्रों को दो जोन में बांटा गया है। एक जोन में एसडीएम सदर, जबकि दूसरे जोन में एसडीएम टांडा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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शहर को सुपर जोन में भी बांटा गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट के पास रहेगी। नगर मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल सीधे तौर पर पूरी परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था पर नजर रखेंगे। चार फ्लाइंग स्क्वाड बनाए गए हैं। एक फ्लाइंग स्क्वाड की जिम्मेदारी बरेली डायट की प्राचार्या सुषमा शर्मा को सौंपी गई है।
इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक माया देवी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी के नेतृत्व में भी फ्लाइंग स्क्वाड बनाया गया है। नकल करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक टीईटी अलग-अलग होगी।
प्राथमिक टीईटी में गणित, बाल मनोविज्ञान, हिंदी भाषा, पर्यावरण अध्ययन, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और उच्च प्राथमिक टीईटी में पर्यावरण अध्ययन की जगह विज्ञान की परीक्षा होगी। रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जारी किए निर्देश के मुताबिक परीक्षा में बाल मनोविज्ञान परखा जाएगा।
शिक्षामित्र से शिक्षक पद पर समायोजित किए गए शिक्षक भी टीईटी की परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए उनकी ओर से भी तैयारियां की गई हैं। समायोजित शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश की मांग रखी थी, जिस पर बीएसए ने परीक्षा देने वाले शिक्षकों को अपने अवकाश प्रार्थना पत्र खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से लेकर अनुमति लेने को कहा है।
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस साल भी परीक्षा का आयोजन मंगलवार को प्रदेश भर में एक साथ कराया जाएगा। रामपुर मेें ये परीक्षा दस केंद्रों पर होगी। इसमें 7665 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने तैयारियों को पूरा कर लिया है। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
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केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती कर दी गई है। प्रत्येक सेंटर पर पर्यवेक्षक भी बना दिए गए हैं। नकल विहीन परीक्षा हो इसके लिए शहर को चार सेक्टरों में बांट दिया है। इनमें मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। दस परीक्षा केंद्रों को दो जोन में बांटा गया है। एक जोन में एसडीएम सदर, जबकि दूसरे जोन में एसडीएम टांडा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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शहर को सुपर जोन में भी बांटा गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट के पास रहेगी। नगर मजिस्ट्रेट मदन गर्बियाल सीधे तौर पर पूरी परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था पर नजर रखेंगे। चार फ्लाइंग स्क्वाड बनाए गए हैं। एक फ्लाइंग स्क्वाड की जिम्मेदारी बरेली डायट की प्राचार्या सुषमा शर्मा को सौंपी गई है।
इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक माया देवी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी के नेतृत्व में भी फ्लाइंग स्क्वाड बनाया गया है। नकल करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक टीईटी अलग-अलग होगी।
प्राथमिक टीईटी में गणित, बाल मनोविज्ञान, हिंदी भाषा, पर्यावरण अध्ययन, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और उच्च प्राथमिक टीईटी में पर्यावरण अध्ययन की जगह विज्ञान की परीक्षा होगी। रजिस्ट्रार परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से जारी किए निर्देश के मुताबिक परीक्षा में बाल मनोविज्ञान परखा जाएगा।
शिक्षामित्र से शिक्षक पद पर समायोजित किए गए शिक्षक भी टीईटी की परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए उनकी ओर से भी तैयारियां की गई हैं। समायोजित शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश की मांग रखी थी, जिस पर बीएसए ने परीक्षा देने वाले शिक्षकों को अपने अवकाश प्रार्थना पत्र खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से लेकर अनुमति लेने को कहा है।