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अधिकारियों ने हमारी बर्बादी को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया: आजम
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रामपुर। समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद आजम खां ने अपना दर्द खुलकर बयान किया। कहा कि कुछ अधिकारियों ने हमारी और हमारे कार्यकर्ताओं की बर्बादी को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। हम पर एक माह बहुत सख्त गुजरा है। हमारी खता सिर्फ यह है कि हमने आपके बच्चों के हाथों से झाड़ू लेकर कलम थमाने का काम किया, ये लोग उन स्कूलों और कालेजों को गिराना चाहते हैं।
किला मैदान पर आयोजित जनसभा ने आजम खां भावुक हो गए। कहा कि हमारे तमाम नेताओं ने यहां जो कुछ देखा है वह हमारी मदद करने का काम करेंगे। हमें उम्मीद थी कि मुलायम सिंह यादव जी की प्रेस कांफ्रेंस के बाद मोदी जी हमारे ऊपर हो रहे जुल्म का संज्ञान लेंगे। क्योंकि, हम उनके सदन के सदस्य भी हैं। लेकिन, उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। यहां के कुछ अधिकारियों ने हमारी और हमारे कार्यकर्ताओं की बर्बादी को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। मेरी दिवंगत मां पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया, मेरी बुजुर्ग बहन को पुलिस उठाकर ले गई। रामपुर डिग्री कालेज की प्रोफेसर पर भैंस चोरी का इल्जाम लगा। हमने गुलामी की हर निशानी को मिटाने का ठाना था और मिटाकर रहे, लेकिन पौने चार बीघे जमीन के लिए कैसे-कैसे इल्जाम लगे। हमने उस जमीन की दोगुनी, चार गुना कीमत देनी चाही। जमीन देने की भी बात कही, लेकिन मेरी खता है कि मैंने गरीबों को रिक्शा और मकान दिए। उन्होंने अपने तमाम दु:ख और तकलीफों को याद किया। भावुक मन से कहा कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी लूट ली। गेट गिराया जाएगा, तुम पूरी यूनिवर्सिटी गिरा दो मेरी कब्र भी वहां बना दो। उन्होंने घेर मर्दान खां का जिक्र करते हुए कहा कि हमने 35 साल पहले कहा था कि छुरी छोड़ दो, लेकिन नहीं मानें। कहा कि रामपुर के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है जो कौम खुद जिंदा नहीं रह सकती उसे बचाने के लिए ऊपर वाला भी नहीं आता। उन्होंने चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।
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किला मैदान पर आयोजित जनसभा ने आजम खां भावुक हो गए। कहा कि हमारे तमाम नेताओं ने यहां जो कुछ देखा है वह हमारी मदद करने का काम करेंगे। हमें उम्मीद थी कि मुलायम सिंह यादव जी की प्रेस कांफ्रेंस के बाद मोदी जी हमारे ऊपर हो रहे जुल्म का संज्ञान लेंगे। क्योंकि, हम उनके सदन के सदस्य भी हैं। लेकिन, उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। यहां के कुछ अधिकारियों ने हमारी और हमारे कार्यकर्ताओं की बर्बादी को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। मेरी दिवंगत मां पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया, मेरी बुजुर्ग बहन को पुलिस उठाकर ले गई। रामपुर डिग्री कालेज की प्रोफेसर पर भैंस चोरी का इल्जाम लगा। हमने गुलामी की हर निशानी को मिटाने का ठाना था और मिटाकर रहे, लेकिन पौने चार बीघे जमीन के लिए कैसे-कैसे इल्जाम लगे। हमने उस जमीन की दोगुनी, चार गुना कीमत देनी चाही। जमीन देने की भी बात कही, लेकिन मेरी खता है कि मैंने गरीबों को रिक्शा और मकान दिए। उन्होंने अपने तमाम दु:ख और तकलीफों को याद किया। भावुक मन से कहा कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी लूट ली। गेट गिराया जाएगा, तुम पूरी यूनिवर्सिटी गिरा दो मेरी कब्र भी वहां बना दो। उन्होंने घेर मर्दान खां का जिक्र करते हुए कहा कि हमने 35 साल पहले कहा था कि छुरी छोड़ दो, लेकिन नहीं मानें। कहा कि रामपुर के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है जो कौम खुद जिंदा नहीं रह सकती उसे बचाने के लिए ऊपर वाला भी नहीं आता। उन्होंने चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।
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