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रामपुर: पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के दामाद साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का इंतकाल
Mon, 31 May 2021 01:55 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 31 May 2021 01:55 PM IST
सार
रामपुर की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के दामाद और पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के बहनोई साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का रविवार देर रात निधन हो गया। 67 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
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नवेद मियां के साथ इरफान खां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर की पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के दामाद और पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के बहनोई साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का रविवार देर रात निधन हो गया। 67 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। 11 वर्षों से वो कैंसर से जूझ रहे थे। अपने पीछे वो पत्नी नवाबजादी समन अली खान के अलावा दो पुत्र छोड़ गए हैं।
नूर महल में रविवार की रात्रि से शोक छा गया है। साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का मुंबई में इंतकाल की खबर पहुंचते ही गम का माहौल है। वो कई दिनों से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। 11 वर्षों से उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। रविवार देर रात्रि उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से उनके परिजनों और रिश्तेदारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने दूरभाष पर बताया कि साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका जाना परिवार के लिए बहुत ही तकलीफदेह है। वो बहुत अच्छे इंसान, अच्छे पति और अच्छे पिता थे।
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कर्नल यूनुस खां के बेटे थे इरफान खां
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि नवाबजादी समन अली खान के शौहर साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां के पिता रामपुर के वीर सपूत साहिबजादा कर्नल युनुस खां और दादा इस रियासत के मुख्यमंत्री रहे सर अब्दुस समद खां थे।
कुछ समय पूर्व ही रामपुर में गांधी समाधि पर साहिबजादा कर्नल युनुस खां की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नवाब गेट का नाम भी अब साहिबजादा कर्नल युनुस खां द्वार है। कर्नल युनुस खां ने 1948 की भारत-पाक जंग और 1962 में भारत-चीन युद्ध में हिस्सा लिया था। वो द्वितीय विश्व युद्ध में वर्मा में तैनात रहे थे।
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नूर महल में रविवार की रात्रि से शोक छा गया है। साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां का मुंबई में इंतकाल की खबर पहुंचते ही गम का माहौल है। वो कई दिनों से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। 11 वर्षों से उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। रविवार देर रात्रि उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से उनके परिजनों और रिश्तेदारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने दूरभाष पर बताया कि साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका जाना परिवार के लिए बहुत ही तकलीफदेह है। वो बहुत अच्छे इंसान, अच्छे पति और अच्छे पिता थे।
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कर्नल यूनुस खां के बेटे थे इरफान खां
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि नवाबजादी समन अली खान के शौहर साहिबजादा मोहम्मद इरफान खां के पिता रामपुर के वीर सपूत साहिबजादा कर्नल युनुस खां और दादा इस रियासत के मुख्यमंत्री रहे सर अब्दुस समद खां थे।
कुछ समय पूर्व ही रामपुर में गांधी समाधि पर साहिबजादा कर्नल युनुस खां की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नवाब गेट का नाम भी अब साहिबजादा कर्नल युनुस खां द्वार है। कर्नल युनुस खां ने 1948 की भारत-पाक जंग और 1962 में भारत-चीन युद्ध में हिस्सा लिया था। वो द्वितीय विश्व युद्ध में वर्मा में तैनात रहे थे।