रामपुर। कोरोना से बचाव का मंत्र है दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी। कोरोना के मामले कम होने और इसकी वैक्सीन आने के बाद लोगों ने इस मंत्र पर अमल करना कम कर दिया है। इस वजह से जिले में कोरोना फिर से पैर फैलाने लगा है। जिले में मंगलवार को कोरोना के छह नये मामले सामने आए। इसको लेकर मिलकर अब कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 16 हो गई है। सात मार्च को जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या मात्र एक थी।
पिछले साल मार्च महीने के अंत में ही कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की थी। हालांकि मार्च महीने तक रामपुर में कोरोना कोई मामला सामने नहीं आया था। यहां कोरोना का पहला मामला आठ अप्रैल को टांडा में आया। हालांकि इसके बाद कोरोना ने तेजी से पैर फैलाना शुरू कर दिया। कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग और मास्क का फार्मूला पिछले साल ही माहिरों ने सुझाया था। मास्क का इस्तेमाल करने के लिए प्रशासन और पुलिस को जुुर्माना तक करना पड़ा था। पुलिस बिना मास्क के घर से बाहर निकलने वाले लोगों का धड़ाधड़ चालान करती थी। पहले 250 रुपये का चालान कटता था, जिसे बढ़ाकर 500 कर दिया गया था। इसके बाद भी लोग मास्क पहनने से गुरेज करते थे। कोई पहनता भी था तो गले में लटका कर चलता था। पुलिस को देखकर मास्क पहन लेते थे, नहीं तो उतार देते थे। कोरोना के मामले जब कम हो गए तो लोग मास्क को लेकर पूरी तरह से लापरवाह हो गए हैं। अभी पुलिस भी उतनी कड़ाई नहीं कर रही है। स्थिति है कि बाजार, चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों, अस्पताल और अन्य जगहों पर लोग बिना मास्क के बेधड़क आ जा रहे हैं। हालांकि एसपी शगुन गौतम का कहना है कि मास्क का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।