{"_id":"6186d441b2d67d430f40d3c0","slug":"sisters-came-to-pray-for-brother-s-long-life-by-putting-their-lives-on-the-palm-rampur-news-mbd4085986142","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी जान हथेली पर रखकर भाई की दीर्घायु की कामना करनी पहुंची बहनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी जान हथेली पर रखकर भाई की दीर्घायु की कामना करनी पहुंची बहनें
विज्ञापन
शाहबाद। न नियमों की परवाह और न ही जिंदगी की फिक्र, जान जोखिम में डाल बहने अपने भाई की दीर्घायु की कामना करने पहुंचीं। भैयादूज पर बसों और डग्गमार वाहनों में भारी भीड़ रही। बहनों को सिर्फ भाई के पास पहुंचने की फिक्र थी। बाइकों पर भी मानकों को अनदेखा कर सफर किया गया। लोग अपनी बाइकों पर यातायात नियमों को तोड़ते हुए नजर आए। न सिर्फ बिना हेलमेट, बल्कि तीन-चार सवारियों के साथ सामान लेकर आते-जाते दिखाई दिए। पूरे दिन यही हाल रहा।
शनिवार को क्षेत्रभर में भैया दूज का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भैया दूज पर बहने अपनी जान की परवाह किए बगैर एक बाइक पर चार-चार लोगों के साथ सवार होकर भाइयों के घर पहुंचीं। शनिवार तड़के से ही बहनों ने भाइयों के घर के लिए निकलना शुरू कर दिया था। पूरे दिन एक बाइक पर तीन-चार सवारों के साथ सामान को साथ लेकर बहनों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर यात्रा की।
दूसरी ओर बहनों ने भाइयों के घर जाने के लिए बसों में खड़े होकर यात्रा की। ई-रिक्शा, टाटा मैजिक और ऑटो में भी यात्री क्षमता से अधिक होने पर भी बहनें यात्रा करने से नहीं कतराईं। बड़ी परेशानी के बीच भाइयों के घर पहुंचकर त्योहार मनाया और भाइयों की दीर्घायु की कामना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को क्षेत्रभर में भैया दूज का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भैया दूज पर बहने अपनी जान की परवाह किए बगैर एक बाइक पर चार-चार लोगों के साथ सवार होकर भाइयों के घर पहुंचीं। शनिवार तड़के से ही बहनों ने भाइयों के घर के लिए निकलना शुरू कर दिया था। पूरे दिन एक बाइक पर तीन-चार सवारों के साथ सामान को साथ लेकर बहनों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर यात्रा की।
विज्ञापन
दूसरी ओर बहनों ने भाइयों के घर जाने के लिए बसों में खड़े होकर यात्रा की। ई-रिक्शा, टाटा मैजिक और ऑटो में भी यात्री क्षमता से अधिक होने पर भी बहनें यात्रा करने से नहीं कतराईं। बड़ी परेशानी के बीच भाइयों के घर पहुंचकर त्योहार मनाया और भाइयों की दीर्घायु की कामना की।
विज्ञापन