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Rampur News: साढ़े छह सौ साल पुराना है रठौंडा का श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
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रामपुर/मिलक। जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी. दूर मिलक क्षेत्र के ग्राम रठौंडा में प्राचीन श्री बामेश्वर महादेव का ऐतिहासिक मंदिर है, जहां प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। वहीं क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु हरिद्वार, बृजघाट आदि से कांवड़ लाकर भी भोलेनाथ के मंदिर में चढ़ाते हैं। यह मंदिर करीब साढ़े छह सौ साल पुराना है।
मान्यता है कि बामेश्वर महादेव के मंदिर में लोगों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर के महंत व आसपास के बुजुर्गों का कहना है कि पहले मंदिर की जगह जंगल हुआ करता था, जहां एक दिन किसान हल जोत रहा था। तब उसका हल दीमकों से लिपटे एक पत्थर से टकरा गया और वहां किसान को शिवलिंग मिला।
दीपक की बामी में लिपटा होने के कारण बामेश्वर महादेव नाम पड़ गया। लोगों ने वहां पूजा-अर्चना शुरू कर दी और उनकी मन्नतें पूरी होने लगीं तो इसकी काफी चर्चा हुई। 17वीं शताब्दी में यहां ग्वालियर के राजा ने शिवलिंग की महिमा सुनकर यहां एक मंदिर और एक शिवगंगा सरोवर का निर्माण कराया था। साढ़े छह सौ वर्ष पुराने इस मंदिर का रोचक इतिहास रहा है। यहां तमाम मंत्री और मुख्यमंत्री भी आ चुके हैं। सावन के सोमवार को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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महाशिवरात्रि पर लगता है मेला
श्रावण मास में यहां अनेकों राजनेता व अधिकारी भी यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं। प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर जिला पंचायत द्वारा यहां 10 दिन का ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया जाता है है। लाखों श्रद्धालु मेले के दौरान आकर मंदिर में जलाभिषेक कर मन्नतें मांगते हैं और मेले का आनंद लेते हैं। श्रावण मास में प्रतिदिन यहां हजारों श्रद्धालु भंडारे का आयोजन करते हैं। मंदिर परिसर में प्रत्येक सोमवार को भारी पुलिस बल की तैनाती रहती है।
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श्रद्धालु प्रत्येक सावन में हरिद्वार, गोमुख, बृजघाट आदि से जल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं तथा कांवड़ चढ़ाते हैं। इसको लेकर मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - सोमानंद सरस्वती, महंत, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
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सावन के महीने में एक माह तक निरंतर भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के तमाम गांव से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्रत्येक सोमवार को सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे। - ओम शर्मा, पुजारी, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
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मंदिर में कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। कांवड़ियों को दूसरे गेट से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा और आम जनता के लिए मंदिर के मेन गेट पर लाइन बनी रहेगी। वहीं महिला कांवड़ियों को विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें जलाभिषेक करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। - शिव स्वरूप शर्मा, प्रमुख संचालक, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
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मान्यता है कि बामेश्वर महादेव के मंदिर में लोगों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। मंदिर के महंत व आसपास के बुजुर्गों का कहना है कि पहले मंदिर की जगह जंगल हुआ करता था, जहां एक दिन किसान हल जोत रहा था। तब उसका हल दीमकों से लिपटे एक पत्थर से टकरा गया और वहां किसान को शिवलिंग मिला।
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दीपक की बामी में लिपटा होने के कारण बामेश्वर महादेव नाम पड़ गया। लोगों ने वहां पूजा-अर्चना शुरू कर दी और उनकी मन्नतें पूरी होने लगीं तो इसकी काफी चर्चा हुई। 17वीं शताब्दी में यहां ग्वालियर के राजा ने शिवलिंग की महिमा सुनकर यहां एक मंदिर और एक शिवगंगा सरोवर का निर्माण कराया था। साढ़े छह सौ वर्ष पुराने इस मंदिर का रोचक इतिहास रहा है। यहां तमाम मंत्री और मुख्यमंत्री भी आ चुके हैं। सावन के सोमवार को लेकर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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महाशिवरात्रि पर लगता है मेला
श्रावण मास में यहां अनेकों राजनेता व अधिकारी भी यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं। प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के पर्व पर जिला पंचायत द्वारा यहां 10 दिन का ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया जाता है है। लाखों श्रद्धालु मेले के दौरान आकर मंदिर में जलाभिषेक कर मन्नतें मांगते हैं और मेले का आनंद लेते हैं। श्रावण मास में प्रतिदिन यहां हजारों श्रद्धालु भंडारे का आयोजन करते हैं। मंदिर परिसर में प्रत्येक सोमवार को भारी पुलिस बल की तैनाती रहती है।
श्रद्धालु प्रत्येक सावन में हरिद्वार, गोमुख, बृजघाट आदि से जल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं तथा कांवड़ चढ़ाते हैं। इसको लेकर मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - सोमानंद सरस्वती, महंत, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
सावन के महीने में एक माह तक निरंतर भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के तमाम गांव से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्रत्येक सोमवार को सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे। - ओम शर्मा, पुजारी, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर
मंदिर में कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। कांवड़ियों को दूसरे गेट से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा और आम जनता के लिए मंदिर के मेन गेट पर लाइन बनी रहेगी। वहीं महिला कांवड़ियों को विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें जलाभिषेक करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। - शिव स्वरूप शर्मा, प्रमुख संचालक, श्री बामेश्वर महादेव मंदिर