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जो व्यक्ति जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही मिलेगा फल
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रामपुुर। कथा व्यास मुमुक्षु जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है उसको उसे वैसा ही फल मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुन श्रद्धालु भक्ति भाव में खो गए। मुख्य यज्ञमान दिनेश कुमार ने सपत्नीक श्रीमद्भागवत पुराण का पूजन किया।
गंगापुर आवास विकास कालोनी स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद भागवत कथा यज्ञ समिति की ओर से चल रही श्रीमदभागवत कथा में छठे दिन वृंदावन से पधारे संत मुमुक्षु जी महाराज कान्हा की बाल लीलाओं का भजनों के साथ सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बाल्यकाल में ही कान्हा ने माटी खाकर माटी लीला की और अपना मुंह खोलकर माता यशोदा को पूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराए। भगवान श्रीकृष्ण ने मां को बताया कि मैं ही तेरा लाला सर्वशक्तिमान ब्रह्म है। कान्हा ने बाल्य काल में ही पूतना वध, तरणासुर वध, बकासुर वध व कालिया नाग का वध कर उसका मान मर्दन किया। गोवर्धन लीला कर इंद्र का भी मान मर्दन किया। कान्हा के बाल रूप का दर्शन करने भगवान शिव को साधु रूप में यशोदा के द्वार आना पढ़ा। अंत में गोवर्धन भगवान के समक्ष छप्पन भोग का प्रसाद लगाकर कढ़ी चावल का भोग भी प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। ललित मोहन शर्मा, रामनिवास शर्मा, विष्णु अग्रवाल, हरीश अग्रवाल ठेकेदार, विनोद गुप्ता, सुभाष सक्सेना, अशोक सक्सेना, पीयूष कुमार, नरेश शर्मा, राजीव शर्मा, सुनील कौशिक, अंकित, अनुज खुराना, अरुण शर्मा, राकेश सैनी, सीमा गुप्ता, ज्ञानेंद्र जैन, इंदु, प्रभा, कविता, छाया, मंजू आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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गंगापुर आवास विकास कालोनी स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रीमद भागवत कथा यज्ञ समिति की ओर से चल रही श्रीमदभागवत कथा में छठे दिन वृंदावन से पधारे संत मुमुक्षु जी महाराज कान्हा की बाल लीलाओं का भजनों के साथ सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बाल्यकाल में ही कान्हा ने माटी खाकर माटी लीला की और अपना मुंह खोलकर माता यशोदा को पूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराए। भगवान श्रीकृष्ण ने मां को बताया कि मैं ही तेरा लाला सर्वशक्तिमान ब्रह्म है। कान्हा ने बाल्य काल में ही पूतना वध, तरणासुर वध, बकासुर वध व कालिया नाग का वध कर उसका मान मर्दन किया। गोवर्धन लीला कर इंद्र का भी मान मर्दन किया। कान्हा के बाल रूप का दर्शन करने भगवान शिव को साधु रूप में यशोदा के द्वार आना पढ़ा। अंत में गोवर्धन भगवान के समक्ष छप्पन भोग का प्रसाद लगाकर कढ़ी चावल का भोग भी प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। ललित मोहन शर्मा, रामनिवास शर्मा, विष्णु अग्रवाल, हरीश अग्रवाल ठेकेदार, विनोद गुप्ता, सुभाष सक्सेना, अशोक सक्सेना, पीयूष कुमार, नरेश शर्मा, राजीव शर्मा, सुनील कौशिक, अंकित, अनुज खुराना, अरुण शर्मा, राकेश सैनी, सीमा गुप्ता, ज्ञानेंद्र जैन, इंदु, प्रभा, कविता, छाया, मंजू आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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