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आजम का शिलापट लगाने पहुंचे मजदूरों को भाजपाइयों ने खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:08 AM IST
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रामपुर मे गाँधी समाधी के पास लग रहे आजम खान के नाम के पत्थर को हटाते बीजेपी कार्यकर्ता। अमर उजाला
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नए नवाब गेट (बाब-ए-निजात गेट) का शिलान्यास और उद्घाटन का शिलापट लगाने पहुंचे मजदूरों को भाजपाइयों ने खदेड़ दिया। भाजपाइयों ने यहां पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिलापटों को कब्जे में ले लिया। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक अफसरो ने दोनों शिलापटों को वापस मजदूरों को दिला दिया और फिर इन दोनों शिलापटों को गेट पर न लगाने के आदेश भी पुलिस ने देकर इनको वापस कर दिया। यहां पर काफी देर तक हंगामा होता रहा,जिससे अफरातफरी मच गई।
सपा शासन में ऐतिहासिक नवाब गेट को तोड़कर नया गेट बनाने का ऐलान किया गया था,जिसके बाद यहां पर सियासी संग्राम छिड़ गया था। वर्ष 2014 में ऐतिहासिक गेट के स्थान पर बाब ए हयात गेट का नाम देकर इसका शिलान्यास किया गया था। इसी के साथ ही गांधी समाधि के दूसरे छोर पर बाब ए निजात गेट भी बनाया गया। दोनों गेटों का निर्माण करा दिया गया। निर्माण करा दिया गया और इसका शिलान्यास भी हुआ। वर्ष 2014 में दोनों गेटों का शिलान्यास हुआ और वर्ष 2016 में यह गेट बनकर तैयार भी हो गया। नवंबर 2016 में इन दोनो गेट का उद्घाटन भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व आजम खां ने किया था।
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उस वक्त कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास रजा इंटर कालेज के मैदान पर किया गया था,लेकिन इसके बाद लापरवाही यह रही कि न तो शिलान्यास का ही पत्थर लगाया गया और न ही उद्घाटन का। दोनों के पत्थर लगाने के लिए मजदूर शनिवार को गांधी समाधि के पास पहुंचे और उद्घाटन के पत्थर लगाने शुरू कर दिए। इस बीच सूचना मिलने के बाद भाजपा के नगराध्यक्ष संजय चंद्रा अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए,जहां हंगामा खडा हो गया। उन्होंने इस पर मामले की सूचना पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस व सिटीमजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। यहां हंगामे के बीच ही भाजपाइयों ने शिलापट छीन लिया और फिर इसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने शिलापटों को अपने कब्जे में ले लिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मजदूरों को यहां पर फिलहाल शिलापट न लगाने के निर्देश दिए जिसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। फिलहाल काफी देर के हंगामे के बाद मामला शांत हुआ।
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