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फत्तेपुर गांव में शौचालयों के निर्माण में घपला, जांच बैठाई
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Fri, 26 Feb 2016 11:25 PM IST
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चमरौवा के फत्तेपुर गांव में शौचालयों के निर्माण में घपला किया गया। शौचालयों का निर्माण कराए बिना भुगतान निकाल लिया। लाभार्थियों की लिस्ट में बाहरी लोगों के भी नाम शामिल कर लिए। मामले में ग्राम पंचायत सचिव पहले ही सस्पेंड हो चुका है। गांव पहुंचे डीएम को ग्रामीणों ने गड़बड़ी के संबंध में शपथ-पत्र दिए।
डीएम के आदेश पर कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। चमरौवा के फत्तेपुर गांव में 2013-14 में 194 स्वच्छ शौचालय बनवाने के लक्ष्य दिया गया था। बजट भी जारी कर दिया गया। शौचालय बनवाने में घपला किया गया। करीब एक महीने पहले डीएम ने जब गांव का निरीक्षण किया तो ये मामला सामने आया।
उस वक्त पांच मामले पकड़ में आए थे। भुगतान निकालने के बाद शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया था। डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर शौचालयों के निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। पांचों का शौचालयों का निर्माण करा दिया गया। डीएम बृहस्पतिवार को फिर गांव पहुंचे। कई ग्रामीणों ने डीएम को शपथ-पत्र दिए।
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उसमें कहा कि उनके नाम पर भी पैसा निकाल लिया गया है। लाभार्थियों की सूची पढ़ी गई तो कई फर्जी नाम सामने आ गए। डीएम ने नायब तहसीलदार और चमरौवा के खंड विकास अधिकारी समेत कई अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए। कमेटी ने शुक्रवार को गांव में शौचालयों के जांच की।
अधिकारियों ने अलग-अलग गलियों में घूमकर शौचालय देखे। बीडीओ एके तिवारी ने बताया कि जांच दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद पता चला कि शौैचालयों के निर्माण में किस स्तर से गड़बड़ी की है। इस मामले में सचिव पहले ही निलंबित हो चुका है।
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डीएम के आदेश पर कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। चमरौवा के फत्तेपुर गांव में 2013-14 में 194 स्वच्छ शौचालय बनवाने के लक्ष्य दिया गया था। बजट भी जारी कर दिया गया। शौचालय बनवाने में घपला किया गया। करीब एक महीने पहले डीएम ने जब गांव का निरीक्षण किया तो ये मामला सामने आया।
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उस वक्त पांच मामले पकड़ में आए थे। भुगतान निकालने के बाद शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया था। डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर शौचालयों के निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। पांचों का शौचालयों का निर्माण करा दिया गया। डीएम बृहस्पतिवार को फिर गांव पहुंचे। कई ग्रामीणों ने डीएम को शपथ-पत्र दिए।
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उसमें कहा कि उनके नाम पर भी पैसा निकाल लिया गया है। लाभार्थियों की सूची पढ़ी गई तो कई फर्जी नाम सामने आ गए। डीएम ने नायब तहसीलदार और चमरौवा के खंड विकास अधिकारी समेत कई अधिकारियों की कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए। कमेटी ने शुक्रवार को गांव में शौचालयों के जांच की।
अधिकारियों ने अलग-अलग गलियों में घूमकर शौचालय देखे। बीडीओ एके तिवारी ने बताया कि जांच दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद पता चला कि शौैचालयों के निर्माण में किस स्तर से गड़बड़ी की है। इस मामले में सचिव पहले ही निलंबित हो चुका है।