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नए बंदियों के लिए बनाई अलग बैरक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 11:45 PM IST
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Separate barracks built for new prisoners
रामपुर। कोरोना और उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने जेलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत रामपुर जेल में अस्थायी जेल बनाई गई है। जिसमें किसी भी अपराध के तहत आने वाले नए बंदी/कैदी को पहले 14 दिन अस्थायी जेल में रखा जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें स्थायी जेल में भेजा जाएगा।
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संभावित तीसरी लहर के बढ़ते मामलों को लेकर प्रदेश सरकार सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर रही है। इसके चलते नई गाइड लाइन जारी कर दी गई है। रात्रि कालीन कर्फ्यू भी लगाया गया है। शासन ने कारागार में कोरोना और ओमिक्रॉन की रोकथाम के लिए बंदियों से मुलाकात बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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जिला कारागार में इस समय करीब 1200 बंदी हैं। क्षमता से कई गुना बंदी होने के चलते यहां संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इन हालातों को देखते हुए जेल प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया हैं। इसी को देखते हुए जेल प्रशासन ने नए आने वाले कैदियों के लिए एक अलग बैरक बनाई है। जिसमें 14 दिन रहने के बाद उन्हें सामान्य बैरक में भेजा जाएगा । इसके साथ ही कैदियों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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जेल में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एक बैरक बनाई गई है। जिसमें नए बंदियों को अन्य बंदियों से अलग रखा जाएगा। उन्हें 14 दिन रखने के बाद सामान बैरक में भेजा जाएगा।
प्रशांत मौर्य, जेल अधीक्षक
रामपुर में प्रदेश में सबसे अधिक हो रहीं आशंकित क्षय रोगियों की जांच
रामपुर। जिले में चल रहे क्षय उन्मूलन अभियान को लेकर मंगलवार को सीएमओ डॉ. एचएस राय और जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय ने प्रेसवार्ता की।
प्रेसवार्ता में जिला क्षयरोग अधिकारी ने बताया कि रामपुर में प्रदेश में सबसे अधिक क्षय रोगी आशंकितों की जांच की जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिले में एक लाख की आबादी पर 1084 आशंकितों की जांच की जा रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में इस साल बलगम जांच में 2075 टीबी रोगी चिन्हित किए गए हैं जबकि कुल 7515 टीबी रोगियों को उपचार दिया गया है। जिले में उपचार के बाद टीबी को मात देने वाले रोगियों का आंकड़ा करीब 89 फीसदी है।
सीएमओ डॉ. एचएस राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत का जो संकल्प लिया है उसके अनुसार जिले में कार्य किया जा रहा है। पिछले साल पूरे प्रदेश में रामपुर की क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में प्रथम रैंक रही थी। कहा कि कुपोषित टीबी रोगियों को जल्द सेहतमंद होने के लिए पोषाहार का वितरण भी किया जा रहा है, जिसके लिए समाजसेवी संस्थाओं की मदद ली जा रही है।

जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि टीबी उन्मूलन अभियान के बारे में जानकारी देने के साथ ही टीबी रोग के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 9 जनवरी तक विशेष अभियान चलेगा। जिसमें पांच जनवरीको स्कूल-कॉलेज और मदरसों में कार्यक्रम होगा, सात जनवरी को प्रमुख धर्मगुरुओं के माध्यम से जागरूकता का प्रयास होगा जबकि नौ जनवरी को गांव स्तर पर बैठक, नुक्कड़ नाटक व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
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