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संयम के बिना मोक्ष संभव नहीं : शास्त्री
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बिलासपुर(रामपुर)। नगर के मोहल्ला साहूकारा स्थित दिगंबर जैन मंदिर में महापर्व पर्यूषण मंगलवार को छठा दिन उत्तम संयम के रूप में मनाया गया। सांगानेर से आए पंडित विकास जैन शास्त्री के निर्देशन में सर्वप्रथम अभिषेक आदेश जैन ने किया एवं आदित्य जैन, मौलिक जैन, कस्तूर चंद जैन, आदेश जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा आदेश कुमार जैन ने अर्पित की। मंगल आरती साधना जैन द्वारा सपरिवार की गई। संगीतमय वातावरण मे आज धूप दशमी के दिन धूप चढ़ाई गई। धूप चढ़ाने में जैन समाज के सभी लोग एकत्र रहे। कार्यक्रम मे नृत्य प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें सब जूनियर मे प्रथम दक्ष जैन तथा द्वितीय अर्जुन जैन रहे। जूनियर वर्ग मे प्रथम पार्शवि जैन तथा द्वितीय पुष्टि जैन तथा तृतीय दिवित जैन रहे। सीनियर वर्ग मे प्रथम उन्नति जैन, द्वितीय आरव जैन तथा तृतीय आदिशा जैन रहीं।
भजन में आरती जैन, श्रद्धा जैन, स्फूर्ति जैन ने भजन प्रस्तुत किये। नव्या जैन ने तीर्थंकर महिमा में भगवान महावीर का जीवन परिचय दिया। शाम के कार्यक्रम में महा आरती का संगीतमय आयोजन किया गया। शाम को उत्तम संयम धर्म पर प्रवचन कर शास्त्री जी ने बताया कि संयम के बिना मोक्ष संभव नहीं है। पांचों इंद्रियों और मन को नियंत्रित करना ही संयम है। इस मौकके पर संजीव जैन, पीयूष जैन, संध्या जैन, रूबल जैन, स्पर्श जैन,तृप्ति जैन, सरोज जैन, बीना जैन, सोनिया जैन, अंजलि जैन, शालिनी जैन, स्वप्निल जैन, आशीष जैन आदि उपस्थित रहे।
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भजन में आरती जैन, श्रद्धा जैन, स्फूर्ति जैन ने भजन प्रस्तुत किये। नव्या जैन ने तीर्थंकर महिमा में भगवान महावीर का जीवन परिचय दिया। शाम के कार्यक्रम में महा आरती का संगीतमय आयोजन किया गया। शाम को उत्तम संयम धर्म पर प्रवचन कर शास्त्री जी ने बताया कि संयम के बिना मोक्ष संभव नहीं है। पांचों इंद्रियों और मन को नियंत्रित करना ही संयम है। इस मौकके पर संजीव जैन, पीयूष जैन, संध्या जैन, रूबल जैन, स्पर्श जैन,तृप्ति जैन, सरोज जैन, बीना जैन, सोनिया जैन, अंजलि जैन, शालिनी जैन, स्वप्निल जैन, आशीष जैन आदि उपस्थित रहे।
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