फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Rs 1.36 crore deposited due to Cess of Johar University

जौहर यूनिवर्सिटी की सेस के मद में बकाया 1.36 करोड़ हुआ जमा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 12:29 AM IST
विज्ञापन
Rs 1.36 crore deposited due to Cess of Johar University
रामपुर। सांसद आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी की ओर से सेस (अधिभार) के रूप में निर्धारित की गई एक करोड़ 36 लाख 37 हजार रुपये जमा करा दिए गए हैं। सेस जमा नहीं कराए जाने पर प्रशासन ने जनवरी 2020 में यूनिवर्सिटी की दो बिल्डिंगों को सील कर दिया था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी सेस जमा कराई गई है, जुर्माने की रकम अभी बकाया है, जो लगभग इतनी ही बनेगी।
विज्ञापन

इस मामले की शिकायत भाजपा लघु उद्योग भारती के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने की थी। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी में बड़े-बड़े भवनों का निर्माण 2015 तक करवाया गया था, जिसका सेस जमा नहीं किया गया। सेस जमा न करने की शिकायत उन्होंने शासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से की थी। इस पर 23 जनवरी 2015 को सपा सरकार में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम के तहत जौहर यूनिवर्सिटी में भवनों की कुल निर्माण लागत दो हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। संपूर्ण लागत का एक फीसदी सेस 20 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश जौहर यूनिवर्सिटी को दिए गए। यूनिवर्सिटी ने यह सेस जमा नहीं किया, जिसकी उन्होंने फिर शिकायत की। इस मामले में शासन ने जिलाधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए थे, जिसके बाद डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से निर्मित भवनों पर सेस का आंकलन करने के आदेश दिए थे। लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने सेस का आंकलन करते हुए 1.37 करोड़ रुपये निर्धारित किया था। 1.37 करोड़ का सेस जमा कराने के लिए यूनिवर्सिटी को आरसी भी जारी की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की दो निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया था। अधिकारियों ने कहा था कि इन भवनों की नीलामी कर सेस की भरपाई की जाएगी। इस बीच यूनिवर्सिटी की ओर से उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में चेक के माध्यम से 1.36,37000 रुपये की जमा करा दी गई है। सहायक श्रम आयुक्त नम्रता सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि जौहर यूनिवर्सिटी की ओर से सेस की राशि जमा दी गई है। वहीं, दूसरी ओर से भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी की ओर से अभी सिर्फ सेस की राशि जमा कराई गई है। जुर्माने की राशि भी जमा कराई जाए।
विज्ञापन

क्या है नियम
व्यावसायिक निर्माण में जितनी भी कीमत का निर्माण होता है, उसका एक प्रतिशत और आवासीय भवन निर्माण में 10 लाख रुपये से अधिक की कीमत के निर्माण पर एक प्रतिशत सेस श्रम विभाग में जमा करवाना अनिवार्य होता है। इस राशि का इस्तेमाल श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं चलाने में करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed