फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Rampur: Life imprisonment to father convicted of raping daughter

Rampur : बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद, तीन साल पुराने मामले में सजा के साथ 50 हजार जुर्माना

Fri, 07 Jul 2023 12:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 07 Jul 2023 12:57 AM IST
सार

तीन साल पुराना यह मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। सजा सुनाने के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की। 

विज्ञापन
Rampur: Life imprisonment to father convicted of raping daughter
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। तीन साल पुराना यह मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। सजा सुनाने के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की। 

विज्ञापन


बिलासपुर कोतवाली में एक युवती ने 21 जुलाई 2020 को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने पिता पर आरोप लगाते हुए बताया कि वे पिछले पांच साल से उसका शारीरिक शोषण कर रहे हैं। उसने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। युवती की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था और मामले की तफ्तीश करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कुमार सौरभ ने गवाहों के तौर पर 10 गवाह पेश किए, जिसमें पीड़िता का सगा भाई भी गवाह के तौर पर सामने आया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। एडीजीसी ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एफटीसी प्रथम (महिलाओं के प्रति अपराध) पूनम कर्णवाल ने इस मामले में पीड़िता के पिता को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना की राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपराधी का अपराध कलंकित करने वालाकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराधी ने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित किया है। इसलिए दोषी के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाए। अपराधी ने अपनी ही पुत्री की गरिमा को भंग किया है। भारत जैसे देश में पुत्रियों को लक्ष्मी माता के समान माना जाता है। वहीं दोषी ने पुत्री के साथ दुष्कर्म किया है। अपराधी का अपराध अत्यंत गंभीर है। उसके प्रति उदार रुख नहीं अपनाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed