फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Rampur cartridge case: Naxalites martyred 76 soldiers CRPF bullets, betrayal own people was costly

रामपुर कारतूस कांड: नक्सली हमले में CRPF की गोलियों से 76 जवान हुए थे बलिदान, अपनों की दगाबाजी पड़ गई थी भारी

Fri, 13 Oct 2023 10:21 AM IST
विमल शर्मा मोहित सक्सेना, रामपुर
मोहित सक्सेना, रामपुर Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 13 Oct 2023 10:21 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले के बाद एसटीएफ ने पीएसी के रिटायर्ड दरोगा और  सीआरपीएफ के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से पुलिस और सुरक्षाबलों को दिए जाने वाले कारतूस बरामद हुए थे। जांच में पता चला कि हमले में इस्तेमाल किए गए कारतूसों को इन लोगों ने ही नक्सलियों तक पहुंचाया था। 

विज्ञापन
Rampur cartridge case: Naxalites martyred 76 soldiers CRPF bullets, betrayal own people was costly
कारतूस कांड में दोषी करार दिए जाने के बाद बाहर आते कर्मी - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में अपनी ही गोली से सीआरपीएफ के 76 जवान बलिदान हो गए थे। इस बात का खुलासा कारतूस कांड के मुख्य आरोपी यशोदानंदन की डायरी से हुआ था। डायरी में साफ लिखा था कि पुलिस और सीआरपीएफ के शस्त्रागार से कारतूस चोरी कर लिए जाते थे और फिर इनको नागरिकों के जरिए नक्सलियों तक पहुंचाया जाता था।

विज्ञापन


बदले में नक्सली मुंह मांगी कीमत भी अदा करते थे। छह अप्रैल 2010 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में गश्त के दौरान सीआरपीएफ की टुकड़ी पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस ताबड़तोड़ हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान बलिदान हो गए थे। विवेचना के दौरान बरामद गोली प्रतिबंधित बोर 9 एमएम पाई गई थी जो कि सरकारी होती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद सरकारी तंत्र के कान खड़े हो गए। इस मामले की जांच बैठाई गई। जांच यूपी एसटीएफ को सौंपी गई थी। एसटीएफ की टीम ने बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़ समेत प्रदेश के कई जिलों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पहला सूत्रधार प्रयागराज निवासी पीएसी के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन की रामपुर में हुई गिरफ्तारी के बाद सामने आया।

पुलिस ने इसके साथ ही सीआरपीएफ के दो हवलदार विनोद पासवान और विनेश कुमार को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद बीस वर्दीधारी व चार नागरिकों को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में साफ लिखा था कि आरोपियों के बैंक खातों में नक्सलियों से धनराशि आती थी।

पुलिस ने चार्जशीट में यह भी लिखा कि आरोपियों के बैंक खातों में पैसा जमा करने का काम मुख्य आरोपी यशोदानंदन ही करता था। पुलिस ने चार्जशीट में यह भी लिखा था कि नक्सलियों को सप्लाई होने वाले हथियार व कारतूस यूपी पुलिस, पीएसी व सीआरपीएफ के माल खानों से चोरी होते थे और नक्सलियों तक नागरिकों के माध्यम से पहुंचा करते थे।

नेपाल के रास्ते से नक्सलियों तक पहुंचती थी सप्लाई

नक्सलियों तक हथियारों व कारतूस की सप्लाई नागरिकों के माध्यम से नेपाल के रास्ते से होती थी। इस मामले की विवेचना से जुड़े पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हथियारों की सप्लाई नेपाल के रास्ते छत्तीसगढ़ तक पहुंचती थी। सप्लाई की जिम्मेदारी आम नागरिकों को मोटी रकम देकर कराई जाती थी।

दंतेवाड़ा कांड ने पूरे देश को हिलाया था

दंतेवाड़ा में नक्सलियों के हमले में 76 जवानों के बलिदान होने के बाद पूूरे देश में जबर्दस्त आक्रोश छा गया था। केंद्र से लेकर यूपी समेत अन्य राज्यों की सरकार में शोक व्याप्त हो गया था। सरकारी तंत्र हरकत में आ गया था। जांच एजेंसियां हर एंगल पर जांच कर कर रही थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed