हुनर ने फंसाया: अपने बेबाक अंदाज की वजह से मुसीबत में घिरे आजम खां, कई बार लांघी भाषा की मर्यादा
तीन साल की सजा मिलने के बाद आजम की विधायकी भी रद्द हो गई। शब्दों की मर्यादा लांघने के आरोप में आजम खां पर कई मुकदमे दर्ज है। भड़काऊ भाषण देने के मामले में उनके खिलाफ शहजादनगर थाने में मुकदमा दर्ज है, चुनावी जनसभा में पूर्व सांसद जयाप्रदा पर टिप्पणी को लेकर भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
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बातों के धनी माने जाने वाले आजम खां अपनी इस हुनर की वजह से संकट में फंस गए हैं। उनके एक भाषण को नफरती करार देते हुए कोर्ट ने उनको तीन साल कैद की सजा सुना दी है और सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग के मुताबिक उनकी विधायकी रद्द कर दी गई। इस संकट से निकलने के लिए उनको लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
अपने तीखे तंज और हाजिर जवाबी से विरोधियों को संकट में डालने वाले आजम खां अब खुद संकट में हैं। आजम खां के बारे में कहा जाता है कि वो अपनी तकरीर से चुनाव का रुख बदल देते हैं। उनके भाषण ऐसे होते हैं कि उसे सुनकर हर कोई प्रभावित हो जाता है। यह उनकी विशेषता है। वो अपनी इसी पहचान के लिए जाने जाते हैं।
एक बार उन्होंने कहा था कि मुझे बोलने का फन आता है, जिससे मिलता हूं अपना बना लेता हूं। दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खाता नगरिया में आयोजित जनसभा में उन्होंने पीएम, सीएम और तत्कालीन डीएम पर जोरदार हमला बोला था। विरोधियों पर तंज कसने के चक्कर वो शब्दों की मर्यादा लांघ गए और कोर्ट ने नफरती भाषण देने के मामले में उनको तीन साल की सजा सुना दी।
तीन साल की सजा मिलने के बाद आजम की विधायकी भी रद्द हो गई। शब्दों की मर्यादा लांघने के आरोप में आजम खां पर कई मुकदमे दर्ज है। भड़काऊ भाषण देने के मामले में उनके खिलाफ शहजादनगर थाने में मुकदमा दर्ज है, चुनावी जनसभा में पूर्व सांसद जयाप्रदा पर टिप्पणी को लेकर भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है।