रामपुर में गरजी जेसीबी: 57 दुकानों को प्रशासन ने गिराया, सरकारी भूमि पर था अतिक्रमण, शाम से सुबह तक कार्रवाई
रामपुर प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बनाई गई दुकानों को हटा दिया। दो दिन चली कार्रवाई से स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा रहा।
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सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाई गई दुकानों पर प्रशासन की जेसीबी चली। रविवार रात में करीब 39 दुकानों और फिर सोमवार की दोपहर बाद 18 दुकानों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली मच गई है। केमरी कस्बे में प्रशासन को 92 दुकानें ऐसी मिलीं हैं, जो अवैध रूप से बनी हैं।
वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हडकंप मचा है। शुक्रवार को प्रशासन द्वारा केमरी में उद्यान विभाग व पीडब्ल्यूडी की भूमि पर बनी 92 दुकानों व एक मदरसे को चिन्हित कर लाल निशान लगाया था। साथ ही दुकानदारों को तीन दिन के भीतर दुकानें खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था।
अल्टीमेटम के बाद मदरसा कमेटी ने शनिवार रात जेसीबी लगाकर खुद ही मदरसे को तुड़वा दिया था, जबकि दुकानदारों ने खुद ही दुकानें खाली करनी शुरू कर दी थी। रविवार देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलक-बिलासपुर रोड पर अवैध रूप से बनी करीब 39 दुकानों पर बुलडोजर चलवाकर दुकानों को ध्वस्त करा दिया था।
सोमवार दोपहर को डीएम के निरीक्षण के बाद नगर पंचायत के ईओ राजेंद्र प्रसाद की देखरेख में नगर पंचायत की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 18 दुकानों को तोड़कर ध्वस्त करा दिया। ईओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर को कब्जा मुक्त कराकर साफ और स्वच्छ बनाया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम अरुण कुमार, तहसीलदार शिव कुमार शर्मा, सीओ राजवीर सिंह परिहार, थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान, लेखपाल विमल कुमार आदि अधिकारी आदि मौजूद रहे।
डीएम बोले : अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त
केमरी में निरीक्षण के लिए पहुंचे डीएम जोगिंदर सिंह व एसपी विद्या सागर मिश्र ने मौका मुआयना किया। साथ ही अफसरों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी रखा जाए।
मदरसा को खुद ही तोड़ दिया था
अतिक्रमण के दायरे में आए मदरसे को यहां मदरसा संचालकों ने खुद ही शनिवार की रात को तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने इस मदरसे को भी नोटिस दिया था,जिसके बाद से यह कार्रवाई लगातार जारी थी।