{"_id":"575db8144f1c1bd36311bb25","slug":"ramjan-mahebadat","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान का पहला अशरा खुदा की रहमत वाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान का पहला अशरा खुदा की रहमत वाला
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 13 Jun 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
मोती मस्जिद में तरावीह समापन के अंतिम दिन कलाम पेश करते मौलाना और मौजूद लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यूं तो रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से अजमत, रहमत और बरकतों से लबरेज है। लेकिन अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में तक्सीम किया है। पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है।
एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है। रमजान का चांद नजर आते ही शैतान कैद कर लिया जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। अल्लाहतआला अपनी रहमत से गुनाहगारों को अजाब से निजात देते हैं।
नेक काम के सवाब में 70 गुना इजाफा कर दिया जाता है। रसूल सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने फरमाया कि अगर लोगों को मालूम हो जाए कि रमजान क्या चीज है तो मेरी उम्मत साल के 12 महीने रमजान होने की तमन्ना करेगी। रमजान का महीना रहमत व बरकत वाला है। हर मर्द, बच्चे, औरत और बूढे़ रोजे का साथ नमाज-तरावीह में मशगूल रहते हैं। पहला अशरा खत्म और दूसरा अशरा शुरू होने वाला है। लिहाजा उलमा ने पहले और दूसरे अशरे की फजीलत बयान कर रहे हैं।
एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है। रमजान का चांद नजर आते ही शैतान कैद कर लिया जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और दोजख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। अल्लाहतआला अपनी रहमत से गुनाहगारों को अजाब से निजात देते हैं।
विज्ञापन
नेक काम के सवाब में 70 गुना इजाफा कर दिया जाता है। रसूल सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने फरमाया कि अगर लोगों को मालूम हो जाए कि रमजान क्या चीज है तो मेरी उम्मत साल के 12 महीने रमजान होने की तमन्ना करेगी। रमजान का महीना रहमत व बरकत वाला है। हर मर्द, बच्चे, औरत और बूढे़ रोजे का साथ नमाज-तरावीह में मशगूल रहते हैं। पहला अशरा खत्म और दूसरा अशरा शुरू होने वाला है। लिहाजा उलमा ने पहले और दूसरे अशरे की फजीलत बयान कर रहे हैं।
विज्ञापन