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ग्रामीण बेबस, कागजी मकड़जाल में फंसा रामगंगा का जयतौली पुल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 11:42 PM IST
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Ramganga's Jaytauli bridge trapped in the paperwork, helpless rural
रामपुर। रामगंगा नदी पर बनने वाला जयतौली पुल कागजी मकड़जाल में फंस गया है। शासन से अब तक इस प्रोजेक्ट को तकनीकी परीक्षण के बाद वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में दिक्कत क्षेत्रीय लोगों को हो रही है, जिन्हें तमाम गांवों में घूमकर अतिरिक्त दूरी तय करने के बाद रामपुर आना पड़ता है। हालांकि, पुल का निर्माण हो जाए, तो रामपुर और शाहबाद की दूरी करीब 12 किलोमीटर कम हो जाएगी।
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मदारपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक धर्मपाल सिंह ने रामगंगा नदी पर पुल का निर्माण कराने की मांग की थी। इसके लिए वह लखनऊ से लेकर रामपुर तक के अधिकारियों से मिलते रहे। पुल न होने की वजह से किसानों को हो रही दिक्कतों के बारे में बताया। जिसके बाद पुल निर्माण की कवायद तेज हुई। शासन ने पुल निर्माण को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद सेतु निगम के अफसरों ने क्षेत्र में जाकर मिट्टी का परीक्षण भी किया था। बाद में पुल की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी शासन को भेजी गई थी। ताकि, तकनीकी परीक्षण के बाद को वित्तीय स्वीकृति मिल जाए, लेकिन यह काम अब तक नहीं हो सका है। ऐसे में पुल की फाइल कभी लोक निर्माण विभाग तो कभी सरकार के वित्त विभाग में घूमती रहती है। लेकिन, सरकार अब तक फाइल पर मुहर नहीं लगा सकी है। जिस कारण पुल का निर्माण कार्य कागजी मकड़जाल में फंसकर रह गया है।
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क्षेत्रीय लोगों की मानें तो रामपुर-शाहबाद की दूरी करीब 35 किलोमीटर है। ऐसे में लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतें होती हैं। समय अधिक लगने के साथ ही लोगों का अतिरिक्त समय तक खर्च होता है। लेकिन, रामगंगा नदी पर जयतौली पुल बन जाए, तो यह दूरी करीब 12 किलोमीटर तक कम हो सकती है। इसके अलावा नदी के दोनों किनारों के किसानों को अपने अपने खेतों पर आने जाने में सुविधा हो जाएगी। शाहबाद की ओर के ग्रामीण भी आसानी से रामपुर आ सकेंगे।
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मदारपुर जयतौली पुल बनने से लगभग 20 गांवों के लोगों को फायदा होगा। बाढ़ आने से लगभग 20 गांव प्रभावित होते हैं और मजबूरन ग्रामीणों को गंगा पार अपने खेतों पर जाना पड़ता है। जिससे बड़े हादसे हो जाते हैं। पुल बन जाएगा तो क्षेत्र की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन, प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। -धर्मपाल सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक।
मदारपुर और जयतोली का पुल बनने से शाहबाद के लोगों को बड़ा फायदा होगा। पुल बन जाने के बाद रामपुर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर कम हो जाएगी। आने जाने में जो अतिरिक्त समय लगता है वह भी कम हो जाएगा। किसानों को भी खेतों पर जाने में आसानी हो जाएगी। सरकार को चाहिए यह काम जल्द हो। -डॉ. सालिम
पुल बनने से बहुत फायदा होगा। हमें शाहबाद जाने के लिए घूम कर जाना पड़ता है। इस पुल के बन के बाद तहसील और अन्य कामों के लिए मात्र 7-8 किलोमीटर की दूरी में ही शाहबाद पहुंच जाएंगे। अभी हमें लगभग 23 किलोमीटर दूर शाहबाद पड़ता है। सरकार को चाहिए कि यह समस्या जल्द दूर हो और पुल का निर्माण शुरू हो। -मनोज रावत

शाहबाद जयतौल के बीच बनने वाला पुल मंजूर हो गया है, लेकिन तकनीकी परीक्षण के बाद स्वीकृति नहीं मिली सकी है। इसी कारण पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। -डीके गुप्ता, सहायक अभियंता, सेतु निगम, रामपुर।
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