फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Ram Mandir: Five Ram devotees from Rampur lost their lives in an accident while returning from Rath Yatra.

Ram Mandir: रथयात्रा से लौटते समय हादसे में पांच रामभक्तों की गई थी जान, गांव वालों ने याद में बना दी समाधि

Sat, 13 Jan 2024 01:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 13 Jan 2024 01:20 PM IST
सार

राममंदिर आंदोलन में रामपुर के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। वर्ष 1990 में आंदोलन में भाग लेने के बाद जिले के लोगों की भरी बस हादसे का शिकार हो गई थी। इसमें पांच लोगों की जान चली गई थी। उनकी याद में लोगों ने समाधि बना दी है। अब जान गंवाने वाले लोगों के परिजन खुश हैं। 

विज्ञापन
Ram Mandir: Five Ram devotees from Rampur lost their lives in an accident while returning from Rath Yatra.
रामपुर के पटवाई में बनी समाधि - फोटो : संवाद

विस्तार

राममंदिर आंदोलन के दौरान 1990 में भाजपा की ओर से रथयात्रा निकाली गई थी। इसके लिए लखनऊ में आयोजित रैली में हिस्सा लेने रामपुर से रामभक्तों की बस भी गई थी। रैली से लौटते समय बस हादसे का शिकार हो गई थी। पटवाई क्षेत्र के दो गांवों के पांच लोगों की इस हादसे में जान चली गई थी।

विज्ञापन


उन रामभक्तों की याद में सूपा गांव में समाधि बनाई गई थी। अब अयोध्या में राममंदिर बनने और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मृतकों के परिजनों में खुशी है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हर ओर माहौल राममय नजर आ रहा है। ऐसे में लोग उस दौरान को याद कर रहे हैं जब राममंदिर के लिए तमाम रामभक्तों ने कारसेवा की थी।
विज्ञापन


1990 और फिर 1992 में हजारों कारसेवक रामपुर से अयोध्या गए थे। इस दौरान कोई जेल गया तो किसी ने लाठी खाई थी। राममंदिर के लिए निकाली जा रही रथयात्रा में शामिल होने पटवाई क्षेत्र के भी काफी 1990 में लखनऊ लोग गए थे। रथयात्रा से लौटते समय रामपुर से गई करीब 70 रामभक्तों से भरी बस की लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में ट्रक से टक्कर हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें पांच रामभक्तों की मौत हो गई थी और कई घायल भी हुए थे। जान गंवाने वाले रामभक्त पटवाई क्षेत्र के सूपा गांव निवासी कोमल सिंह पुत्र गंगाराम, मोहनलाल पुत्र चेतराम, श्यामलाल पुत्र हरदयाल, मथुरापुर खुर्द गांव निवासी सीताराम पुत्र बाबूराम और मिसीनगर गांव निवासी वीर सिंह पुत्र बुद्धसेन शामिल थे।

हादसे के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा भी दिया था। इन रामभक्तों की याद में सूपा गांव में समाधि बनाई गई थी, जो अभी भी है। हर साल समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। उनकी इस समाधि पर श्रद्धांजलि भी दी जाती है।

मृतक रामभक्तों के परिजनों का कहना है कि जिस उद्देश्य के लिए उनके अपनों ने जान गंवाई थी आज वो पूरा हो रहा है। राममंदिर निर्माण से बेहद खुशी हो रही है।

1990 में मेरे बड़े भाई सीताराम लखनऊ राममंदिर के लिए निकाली गई रथयात्रा में गए थे। उनकी इच्छा थी कि अयोध्या में राममंदिर बने। लौटते समय हुए हादसे में उनकी जान चली गई थी। आज राममंदिर बनकर तैयार हो गया और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। आज वो होते तो बहुत खुश होते। - कुंदन, मथुरापुर खुर्द।


मेरे गांव के तीन रामभक्त कोमल सिंह, मोहनलाल और श्यामलाल 1990 में रथयात्रा में शामिल होने गए थे और लौटते समय हादसे में उनकी जान चली गई थी। तीनों प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त थे। अब उनका सपना पूरा हो रहा है। गांव में सभी लोग राममंदिर बनने से काफी खुश हैं और 22 जनवरी के दिन उत्सव मनाने के लिए उत्साहित हैं। बब्लू, ग्राम प्रधान, सूपा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed