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‘अन्त्येष्टि’ के बाद घर लौट आई राजरानी
अमर उजाला ब्यूरो / स्वार/ रामपुर
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:34 AM IST
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किशोरी की अधजली लाश के मामले में गुरुवार का दिन जबरदस्त नाटकीयता भरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद लापता राजरानी के पिता ने अपनी बेटी का शव मानकर उसकी अंत्येष्टि भी कर दी थी। शाम को राजरानी सकुशल घर लौट आई। उसने बताया कि वह दिल्ली में अपनी बहन के घर चली गई थी। इससे घर वालों ने तो राहत की सांस ली लेकिन पुलिस मुसीबत में पड़ गई है कि राजरानी के पिता ने जिसे किशोरी के अधजले शव का अंतिम संस्कार किया था वह कौन थी।
बुधवार की प्रात: तहसील क्षेत्र के उपनगर मसवासी से सटे मोहल्ला चाऊपुरा स्थित लालता प्रसाद पुत्र हरस्वरूप के खेत में किशोरी की अधजली लाश मिली थी। जिसकी शिनाख्त गांव भूवरा निवासी धूप सिंह मौर्य ने अपनी 16 वर्षीय बेटी राज रानी के रूप में की। लेकिन मृतका की मां सहित अन्य परिजन व रिश्तेदार लाश को राज रानी की नहीं बता रहे थे। परिजन उत्तराख्ंाड दोराहा, बाजपुर, रुद्रपुर आदि शहरों में ढूंढने लगे थे। क्योंकि राजरानी बिना बताये घर से कई-कई दिन बाहर चली जाया करती थी। कुछ दिन पूर्व वह बिना बताए दिल्ली अपनी बहन के यहां भी चली गई थी। वहां से भी वह बिना बताये चली आई थी।
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बुधवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद धूप सिंह ने लाश को अपनी बेटी का मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन राजरानी की मां व उसके अन्य परिजन रिश्तेदार उसे जीवित मान रहे थे। गुरुवार की देर शाम राजरानी अपने घर वापस पहुंची जिसे देख परिजनो में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटी को जीवित देख मां ने राहत की सांस ली। और बेटी के सकुशल घर आने की सूचना पुलिस को दी। जैसे ही राजरानी के जीवित होने की सूचना पुलिस को लगी तो वह अचंभे में पड़ गई।
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मौके पर पहुंच कर किशोरी राजरानी व उसके पिता को कोतवाली लाया गया। और किशोरी से जानकारी की तो उसने बताया कि वह दिल्ली बहन के यहां गई थी। वहां से वापस मुरादाबाद आई जिसके बाद वह अपने घर पहुंच गई तो देखा की परिजन उसे देख अचंभे में पड़ गये। वहीं राजरानी के सकुशल वापस आने की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को लगी तो लोगों की भारी भीड़ लग गई। कोतवाल ने बताया कि जिस किशोरी को राजरानी को मृतका समझ लिया गया था लेकिन वह जीवित सकुशल घर पहुंच गई है। शीघ्र घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।