रामपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार द्वारा दलहन पर स्टॉक लिमिट लागू किए जाने की निंदा की है। मंडी समिति सचिव के माध्यम से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन भेजकर लिमिट करने का आदेश वापस करने की मांग की। इसको लेकर गल्ला व्यापारी मंगलवार को मंडी में कारोबार बंद रखेंगे।
सोमवार को व्यापारी मंडी समिति सचिव कार्यालय पर पहुंचे। व्यापारियों ने मंडी सचिव ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि कि दो जुलाई को केंद्र सरकार द्वारा दलहन पर स्टॉक लिमिट लगाए जाने की घोषणा कर एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत जारी यह जारी अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दी गई है। जिसके अनुसार दालों के थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, निर्माता मिलर्स और आयातकों पर स्टाक की सीमा तय कर दी गई है। जो कि थोक विक्रेताओं के लिए 200 मीट्रिक टन,जिसमें एक प्रकार की दाल अधिकतम 100 मीट्रिक टन तथा फुटकर विक्रेताओं के लिए 5 मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। जिसके लागू किए जाने की कोई वजह स्पष्ट नहीं है। इसके लागू किए जाने से एक ओर जहां व्यापार खराब होगा। वहीं, दूसरी ओर इंस्पेक्टर राज को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार का यह कदम उत्पीड़न का द्योतक भी है। इसका व्यापारी वर्ग जमकर विरोध करेगा। व्यापारियों ने इसी सिलसिले में नवीन कृषि मंडी स्थल पर गल्ला व्यापारियों का कारोबार 6 जुलाई को पूर्णतया बंद रहेगा। मंडी की बंदी रहेगी रहेगी। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा, शाहिद शम्सी, अजय अरोरा, शुऐब मोहम्मद खान, शिवकुमार,अजय भाटिया, अजय , शाकेब, मोहसिन खां, राम गुप्ता समेत कई व्यापारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।