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Rampur News: ठगी के मामले में पांच महीने बाद एफआईआर, पुलिस ने शुरू की जांच
Mon, 14 Sep 2026 12:25 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:25 AM IST
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शाहबाद। पशुपालन योजना के तहत लोन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने पांच महीने बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोबारा शुरू हुई जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ कर पूर्व में दी गई तहरीरों और ठगी गई रकम के संबंध में जानकारी जुटाई।
मोहल्ला आफगानान निवासी रिजवान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मोहल्ला इस्लामिया स्कूल के सामने मेरठ निवासी आफताब खां ने दुकान खोली थी। वह लोन कराने का काम करता था और भैंस व गोपालन योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा देता था। उसके झांसे में आकर रिजवान ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से करीब एक लाख रुपये लेकर आफताब को दिए। उसके दोस्त साकिब खां ने भी लोन के नाम पर 70 हजार रुपये दिए थे।
आरोप है कि रकम लेने के बाद अप्रैल 2025 में आफताब अचानक दुकान बंद कर भाग गया। उसका मोबाइल भी बंद हो गया और फोन करने पर संपर्क नहीं हो सका। शिकायत के बाद पुलिस ने उसकी आखिरी लोकेशन और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए सीडीआर भी निकलवाई थी।
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अब दोबारा जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोन के नाम पर चलाए जा रहे इस खेल में आफताब के साथ और कौन लोग जुड़े थे और कितने लोगों से रकम वसूली गई।
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मोहल्ला आफगानान निवासी रिजवान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मोहल्ला इस्लामिया स्कूल के सामने मेरठ निवासी आफताब खां ने दुकान खोली थी। वह लोन कराने का काम करता था और भैंस व गोपालन योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा देता था। उसके झांसे में आकर रिजवान ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से करीब एक लाख रुपये लेकर आफताब को दिए। उसके दोस्त साकिब खां ने भी लोन के नाम पर 70 हजार रुपये दिए थे।
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आरोप है कि रकम लेने के बाद अप्रैल 2025 में आफताब अचानक दुकान बंद कर भाग गया। उसका मोबाइल भी बंद हो गया और फोन करने पर संपर्क नहीं हो सका। शिकायत के बाद पुलिस ने उसकी आखिरी लोकेशन और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए सीडीआर भी निकलवाई थी।
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अब दोबारा जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोन के नाम पर चलाए जा रहे इस खेल में आफताब के साथ और कौन लोग जुड़े थे और कितने लोगों से रकम वसूली गई।