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बिजली विभाग के निजीकरण से उपभोक्ताओं के हित भी होंगे प्रभावित
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रामपुर। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने एक सुर में निजीकरण का विरोध किया और सरकार से निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। साथ ही कहा कि निजीकरण का यह प्रस्ताव कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों को भी प्रभावित करेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने अपराह्न दो बजे से सायं पांच बजे तक तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया। अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग ने कहा कि निजी कंपनी अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देगी जो ग्रेटर नोएडा और आगरा में हो रहा है। निजी कंपनी लागत से कम मूल्य पर किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और पांच यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पॉवर कारपोरेशन घाटा उठाकर बिजली देता है, जिसके चलते इन उपभोक्ताअें को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। अब निजीकरण के बाद स्वाभाविक तौर पर इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी होगी। अधिशासी अभियंता भीष्म कुमार ने भी निजीकरण के नुकसान बताए। कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर तो भार पड़ेगा ही विभाग के लिए भी यह सही नहीं रहेगा। इस मौके पर विशाल मलिक, आशीष सिंह, मोहम्मद अली, शिव अवतार, शलभ गर्ग, प्रदीप यादव, आरपी सिंह, जयदीप मौर्य, प्रेम प्रकाश सैनी, विनोद कुमार, नौशाद हुसैन, जयप्रकाश, सैय्यद शुऐब हसन आदि मौजूद रहे।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने अपराह्न दो बजे से सायं पांच बजे तक तीन घंटे का कार्य बहिष्कार किया। अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग ने कहा कि निजी कंपनी अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देगी जो ग्रेटर नोएडा और आगरा में हो रहा है। निजी कंपनी लागत से कम मूल्य पर किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और पांच यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पॉवर कारपोरेशन घाटा उठाकर बिजली देता है, जिसके चलते इन उपभोक्ताअें को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। अब निजीकरण के बाद स्वाभाविक तौर पर इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी होगी। अधिशासी अभियंता भीष्म कुमार ने भी निजीकरण के नुकसान बताए। कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर तो भार पड़ेगा ही विभाग के लिए भी यह सही नहीं रहेगा। इस मौके पर विशाल मलिक, आशीष सिंह, मोहम्मद अली, शिव अवतार, शलभ गर्ग, प्रदीप यादव, आरपी सिंह, जयदीप मौर्य, प्रेम प्रकाश सैनी, विनोद कुमार, नौशाद हुसैन, जयप्रकाश, सैय्यद शुऐब हसन आदि मौजूद रहे।
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