{"_id":"5b79af5342c792466578b3bb","slug":"protest-of-kavaria-in-kemri-of-rampur","type":"story","status":"publish","title_hn":"रास्ता रोकने पर भड़के कांवडि़ये ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रास्ता रोकने पर भड़के कांवडि़ये
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:26 PM IST
विज्ञापन
कांवड़ियों को रोकने पर हुए विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर लगी भीड़ व मौजूद पुलिस कर्मी। -अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा में एक धार्मिक स्थल के सामने से गुजर रहे कांवड़ियों के जत्थों को दूसरे समुदाय के लोगों ने नई परंपरा बताते हुए रोक दिया। इस पर कांवड़ियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिससे दोनों पक्षों में तनाव पैदा हो गया। सूचना पर एसडीएम और सीओ भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
केमरी थाना क्षेत्र के ग्राम चिडि़याखेड़ा, मझरा, मालनखेड़ा के तमाम कांवड़ियों के जत्थे रविवार दोपहर करीब 12 बजे चिडि़याखेड़ा गांव में पजैया से बाया चिडि़याखेड़ा-मालनखेड़ा रोड से होते हुए अपने-अपने मंदिरों की तरफ जा रहे थे। आरोप है कि गांव में एक धार्मिक स्थल के सामने से गुजरने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने यह कहते हुए कांवड़ियों के जत्थे रोक दिए कि वह लोग नई परंपरा डाल रहे हैं और उनके ताजियों को भी वह लोग नये रास्तों से नहीं गुजरने देते हैं।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। विवाद की सूचना पर डायल 100 पुलिस के साथ ही केमरी थाना प्रभारी जसपाल सिंह ग्वाल भी पहुंच गए और लोगों को समझाया, मगर कोई भी मानने को तैयार नहीं हुआ।
विज्ञापन
मामला बढ़ने की सूचना पर एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता, सीओ केमरी आशुतोष तिवारी भी बिलासपुर, भोट, खजुरिया पुलिस और पीएसी के साथ गांव पहुंच गए। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा कराकर विवाद निपटा दिया। बाद में कांवड़िये इसी रास्ते से अपने गंतव्य को पुलिस सुरक्षा में रवाना हो गए।
समझौते के दौरान पिपलिया मिश्र के पूर्व प्रधान हरदीप सिंह गिल, ग्राम प्रधान ब्रह्मस्वरुप, खेमेंद्र गंगवार, मुन्ने शाह, वाहिद, फुंदन, अहमद अली आदि मुख्य थे। एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों को समझाड- बुझाकर शांत करा दिया गया है। गांव में अब कोई विवाद नहीं है।
केमरी थाना क्षेत्र के ग्राम चिडि़याखेड़ा, मझरा, मालनखेड़ा के तमाम कांवड़ियों के जत्थे रविवार दोपहर करीब 12 बजे चिडि़याखेड़ा गांव में पजैया से बाया चिडि़याखेड़ा-मालनखेड़ा रोड से होते हुए अपने-अपने मंदिरों की तरफ जा रहे थे। आरोप है कि गांव में एक धार्मिक स्थल के सामने से गुजरने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने यह कहते हुए कांवड़ियों के जत्थे रोक दिए कि वह लोग नई परंपरा डाल रहे हैं और उनके ताजियों को भी वह लोग नये रास्तों से नहीं गुजरने देते हैं।
विज्ञापन
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। विवाद की सूचना पर डायल 100 पुलिस के साथ ही केमरी थाना प्रभारी जसपाल सिंह ग्वाल भी पहुंच गए और लोगों को समझाया, मगर कोई भी मानने को तैयार नहीं हुआ।
विज्ञापन
मामला बढ़ने की सूचना पर एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता, सीओ केमरी आशुतोष तिवारी भी बिलासपुर, भोट, खजुरिया पुलिस और पीएसी के साथ गांव पहुंच गए। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा कराकर विवाद निपटा दिया। बाद में कांवड़िये इसी रास्ते से अपने गंतव्य को पुलिस सुरक्षा में रवाना हो गए।
समझौते के दौरान पिपलिया मिश्र के पूर्व प्रधान हरदीप सिंह गिल, ग्राम प्रधान ब्रह्मस्वरुप, खेमेंद्र गंगवार, मुन्ने शाह, वाहिद, फुंदन, अहमद अली आदि मुख्य थे। एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों को समझाड- बुझाकर शांत करा दिया गया है। गांव में अब कोई विवाद नहीं है।