भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों की वापसी को लेकर पिछले 135 दिनों से बेमियादी धरने पर बैठे किसान सोमवार को भी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर पिछले दस माह से भी अधिक समय से देश भर के किसान दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में पिछले 135 दिनों से भाकियू कार्यकर्ता रामपुर काठगोदाम हाइवे में कोयला टोल प्लाजा में बेमियादी धरने में बैठे हैं। शनिवार को भी तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे रहे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की। आक्रोशित किसानों का कहना था कि आंधी बारिश व कड़ाके की धूप में किसान धरने पर बैठे हैं और देश के प्रधानमंत्री तथा किसानों की भलाई की बातें करने वाले नेता किसानों से बात करने को भी तैयार नहीं हैं। इससे पता चलता है कि सरकार को देश के किसानों की कितनी चिंता है। जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेकर एमएसपी पर कानून नहीं बनाती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान इरफान हसन, जुम्मा अली, अब्दुल मुस्तफा, मुनव्वर आलम, चंद्रसेन, शकील अहमद, मुरसलीन, देवीदास, शाकिर अली, नक्शे अली आदि मौजूद रहे।