{"_id":"610d833e8ebc3ebda8541548","slug":"protest-of-farmers-rampur-news-mbd398394877","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइवे अधिकारियों ने रवैया नहीं बदला तो होगा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइवे अधिकारियों ने रवैया नहीं बदला तो होगा आंदोलन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के धरने पर बैठे किसानों ने एनएचएआई के अधिकारियों पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान 9 अगस्त को हाईवे अथारिटी अधिकारियों से वार्ता करने तथा समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन बनाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
कृषि कानूनों की वापसी को लेकर कोयला टोल प्लाजा में किसानों का बेमियादी धरना 71वें दिन भी जारी रहा। धरने में बैठे किसानों ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारी किसानों के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों की बात भी नहीं मान रहे है। हाईवे में आबादी क्षेत्र में कट नहीं बनाए जाने से ग्रामीण व किसान परेशान हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए उपजिलाधिकारी बिलासपुर व अपर जिलाधिकारी द्वारा भी हाईवे अधिकारियेां को पत्र भेजकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया था। बावजूद इसके डेढ़ साल से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी हाईवे अथारिटी द्वारा किसानेां की समस्या का समाधान नहीं किया और हाईवे अथारिटी के अधिकारी किसानों से वार्ता को भी तैयार नही हैं। आगामी 9 अगस्त को हाईवे अथारिटी के अधिकारियों से वार्ता का अनुरोध किया गया है। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाकर हाईवे अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान इरफान हसन, छिद्दा अली, नदीम अहमद, अब्दुल मुस्तफा, डॉ. नौशाद, शकील अहमद, रिजवान अली, माइटी सिंह, चंदर सेन, इश्तेकार, जुम्मा, फिरासत अली, जीशान, जगदीप सिंह, मोनिश, साबिर अली, सफीक अली,जग्गा सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कृषि कानूनों की वापसी को लेकर कोयला टोल प्लाजा में किसानों का बेमियादी धरना 71वें दिन भी जारी रहा। धरने में बैठे किसानों ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारी किसानों के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों की बात भी नहीं मान रहे है। हाईवे में आबादी क्षेत्र में कट नहीं बनाए जाने से ग्रामीण व किसान परेशान हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को समझते हुए उपजिलाधिकारी बिलासपुर व अपर जिलाधिकारी द्वारा भी हाईवे अधिकारियेां को पत्र भेजकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया था। बावजूद इसके डेढ़ साल से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी हाईवे अथारिटी द्वारा किसानेां की समस्या का समाधान नहीं किया और हाईवे अथारिटी के अधिकारी किसानों से वार्ता को भी तैयार नही हैं। आगामी 9 अगस्त को हाईवे अथारिटी के अधिकारियों से वार्ता का अनुरोध किया गया है। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाकर हाईवे अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान इरफान हसन, छिद्दा अली, नदीम अहमद, अब्दुल मुस्तफा, डॉ. नौशाद, शकील अहमद, रिजवान अली, माइटी सिंह, चंदर सेन, इश्तेकार, जुम्मा, फिरासत अली, जीशान, जगदीप सिंह, मोनिश, साबिर अली, सफीक अली,जग्गा सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन