{"_id":"61ccb9664e379c7b2861872f","slug":"protest-of-bhakison-member-contineu-rampur-news-mbd414340315","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिलक। रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने रेलवे अफसरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष आदेश शंखधार ने कहा कि धरना प्रदर्शन को 24 घंटों से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन, रेलवे विभाग ने मामले पर संज्ञान नहीं लिया है। किसानों ने ठंड में पूरी रात धरना स्थल पर ही गुजारी है और रात में बारिश भी हुई थी, लेकिन किसानों ने हिम्मत नहीं हारी। रेलवे विभाग के इस लापरवाही से किसानों में रोष है। इसके लिए बुधवार को धरना प्रदर्शन में किसानों ने तय किया कि यदि 30 दिसंबर को दोपहर एक बजे तक रेलवे विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनके बीच नहीं पहुंचता है, तो फिर दो बजे रेलवे विभाग के पुतले की अर्थी बनाकर नगर मिलक में घुमाने के बाद धरना स्थल पर लाकर दहन किया जाएगा। साथ ही एक जनवरी को राठौंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर किसान अपनी समस्या को बताएंगे। अगर, प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी गई, तो मजबूर होकर नेशनल हाइवे 24 जाम करने पर विचार किया जाएगा। वहीं, रेलवे लाइन के पार निवास करने वाले छात्र, छात्राओं ने धरना स्थल पहुंचकर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे विभाग से गुहार लगाई। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजीव गंगवार, डॉ. नीलेश रस्तोगी, मथुरा प्रसाद दिवाकर, वीरपाल गंगवार, ब्रह्माशंकर पांडेय, प्रमोद गुप्ता, चंद्रप्रकाश, सर्वेश गंगवार, भारत मौर्य, प्रीतम सिंह यादव, राम स्वरूप, ब्रजेश शर्मा, विमल शर्मा, पूरन लाल, बांके लाल, चिरंजीलाल शर्मा, नेमचंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष आदेश शंखधार ने कहा कि धरना प्रदर्शन को 24 घंटों से अधिक का समय बीत गया है। लेकिन, रेलवे विभाग ने मामले पर संज्ञान नहीं लिया है। किसानों ने ठंड में पूरी रात धरना स्थल पर ही गुजारी है और रात में बारिश भी हुई थी, लेकिन किसानों ने हिम्मत नहीं हारी। रेलवे विभाग के इस लापरवाही से किसानों में रोष है। इसके लिए बुधवार को धरना प्रदर्शन में किसानों ने तय किया कि यदि 30 दिसंबर को दोपहर एक बजे तक रेलवे विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनके बीच नहीं पहुंचता है, तो फिर दो बजे रेलवे विभाग के पुतले की अर्थी बनाकर नगर मिलक में घुमाने के बाद धरना स्थल पर लाकर दहन किया जाएगा। साथ ही एक जनवरी को राठौंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर किसान अपनी समस्या को बताएंगे। अगर, प्रशासन द्वारा इसकी अनुमति नहीं दी गई, तो मजबूर होकर नेशनल हाइवे 24 जाम करने पर विचार किया जाएगा। वहीं, रेलवे लाइन के पार निवास करने वाले छात्र, छात्राओं ने धरना स्थल पहुंचकर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे विभाग से गुहार लगाई। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजीव गंगवार, डॉ. नीलेश रस्तोगी, मथुरा प्रसाद दिवाकर, वीरपाल गंगवार, ब्रह्माशंकर पांडेय, प्रमोद गुप्ता, चंद्रप्रकाश, सर्वेश गंगवार, भारत मौर्य, प्रीतम सिंह यादव, राम स्वरूप, ब्रजेश शर्मा, विमल शर्मा, पूरन लाल, बांके लाल, चिरंजीलाल शर्मा, नेमचंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन