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मुहर्रम पर ढोल बजाने को लेकर दो पक्ष आए आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:48 PM IST
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मुबारकपुर गांव में दोनों पक्षों से बातचीत करते क्षेत्राधिकारी।
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केमरी के मुबारकपुर गांव में मुहर्रम पर ढोल बजाने को लेकर दो समुदायों के दो पक्ष आमने सामने आ गए। इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने प्रदर्शन कर धरना भी दिया। सूचना पर सीओ केमरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की सामूहिक बैठक कर तय करा दिया कि मुहर्रम और जन्माष्टमी के मौके पर जुलूस में दोनों पक्षों के लोग ढोल तो बजा सकेंगे, मगर डीजे प्रतिबंधित रहेगा।
मुबारकपुर के लोगों ने कुछ दिन पहले एसडीएम मिलक से शिकायत की थी कि उनके गांव में दूसरे समुदाय के लोग मोहर्रम के मौके पर ढोल बजाते हैं। जबकि, वह लोग बीते तीन साल से उन्हें श्री कृष्ण जन्माष्टमी के जुलूस में ढोल नहीं बजाने देते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे गांव के एक पक्ष के लोग गांव के शिव मंदिर पर एकत्र हुए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करके धरना शुरु कर दिया। उनकी मांग थी कि दूसरे समुदाय के लोगों को भी ढोल नगाड़ों को बजाने से रोका जाए।
सूचना पाकर केमरी सीओ आशुतोष तिवारी व केमरी थाना प्रभारी जसपाल सिंह ग्वाल पुलिस बल के साक गांव पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षेां की सामूहिक बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक में तय हो गया कि दोनेां पक्षों के लोग मुहर्रम और जन्माष्टमी के जुलूस में ढोल का प्रयोग करेंगे, मगर डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसी बात पर दोनों पक्ष मान गए। सीओ का कहना है कि ढोल के विवाद को निपटा दिया गया है और गांव में अब कोई विवाद नहीं है।
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मुबारकपुर के लोगों ने कुछ दिन पहले एसडीएम मिलक से शिकायत की थी कि उनके गांव में दूसरे समुदाय के लोग मोहर्रम के मौके पर ढोल बजाते हैं। जबकि, वह लोग बीते तीन साल से उन्हें श्री कृष्ण जन्माष्टमी के जुलूस में ढोल नहीं बजाने देते हैं। बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे गांव के एक पक्ष के लोग गांव के शिव मंदिर पर एकत्र हुए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करके धरना शुरु कर दिया। उनकी मांग थी कि दूसरे समुदाय के लोगों को भी ढोल नगाड़ों को बजाने से रोका जाए।
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सूचना पाकर केमरी सीओ आशुतोष तिवारी व केमरी थाना प्रभारी जसपाल सिंह ग्वाल पुलिस बल के साक गांव पहुंच गए। उन्होंने दोनों पक्षेां की सामूहिक बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक में तय हो गया कि दोनेां पक्षों के लोग मुहर्रम और जन्माष्टमी के जुलूस में ढोल का प्रयोग करेंगे, मगर डीजे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसी बात पर दोनों पक्ष मान गए। सीओ का कहना है कि ढोल के विवाद को निपटा दिया गया है और गांव में अब कोई विवाद नहीं है।
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