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दारूल अवाम और मदरसा आलिया के मामले भी एसआईटी के हवाले
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रामपुर। दारूल अवाम और मदरसा आलिया के भवनों को जौहर ट्रस्ट को दिए जाने की जांच भी अब एसआईटी करेगी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यह मामला भी सरकार ने एसआईटी को सौंप दिया है। इससे पहले प्रशासन ने दोनों भवनों के पट्टों को निरस्त करने का नोटिस जारी किया था।
समाजवादी पार्टी के नेता एवं सांसद आजम खां ने सपा सरकार में ही दारुल अवाम और मदरसा आलिया के भवनों को जौहर ट्रस्ट के नाम आवंटित कर लिया था। इसमें दारूल अवाम में पहले मुर्तजा स्कूल संचालित होता था, जबकि इसी भवन में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के कार्यालय भी थे। लेकिन, बाद में इन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया था। इस भवन के एक हिस्से में रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित होता है दूसरे हिस्से में दारुल अवाम है। आरोप है कि जिस मकसद के लिए इन भवनों का लीज पर दिया गया था उसका पालन नहीं किया जा रहा है। इस आधार पर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया था। जिला प्रशासन ने इन दोनों भवनों के मामले की जांच भी एसआईटी से कराने का संस्तुति की थी। इसके बाद इसके बाद सरकार ने दारूल अवाम एवं मदरसा आलिया के भवनों की जांच भी एसआईटी को सौंप दी है।
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समाजवादी पार्टी के नेता एवं सांसद आजम खां ने सपा सरकार में ही दारुल अवाम और मदरसा आलिया के भवनों को जौहर ट्रस्ट के नाम आवंटित कर लिया था। इसमें दारूल अवाम में पहले मुर्तजा स्कूल संचालित होता था, जबकि इसी भवन में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के कार्यालय भी थे। लेकिन, बाद में इन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया था। इस भवन के एक हिस्से में रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित होता है दूसरे हिस्से में दारुल अवाम है। आरोप है कि जिस मकसद के लिए इन भवनों का लीज पर दिया गया था उसका पालन नहीं किया जा रहा है। इस आधार पर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया था। जिला प्रशासन ने इन दोनों भवनों के मामले की जांच भी एसआईटी से कराने का संस्तुति की थी। इसके बाद इसके बाद सरकार ने दारूल अवाम एवं मदरसा आलिया के भवनों की जांच भी एसआईटी को सौंप दी है।
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