फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   private school

‘निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का एडमिशन नहीं  तो मान्यता भी नहीं’

Wed, 12 Apr 2017 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर Updated Wed, 12 Apr 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
private school
रामपुर में विकास भवन में स्कूल प्रबंधकों की बैठक लेते अफसर।

विज्ञापन

प्रशासन ने निजी स्कूलों पर शिकंजा कसा है। साफ किया गया है कि यदि अपने स्कूल में 25 फीसदी गरीब बच्चों को मुफ्त में एडमिशन नहीं दिया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो होगी ही साथ ही मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। कहा कि कोई भी स्कूल आरटीई के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।            

शिक्षा के अधिकार कानून के तहत अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में इस तरह की व्यवस्था है कि इन स्कूलों में 25 फीसदी ऐसे गरीब स्कूल के बच्चों को एडमिशन देना होगा जो बेहद ही गरीब हैं या फिर निशक्त हैं। आरटीई के तहत इन आदेश तो हर साल होता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होता। हर साल आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।लेकिन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद एक बार फिर सरकारी अमले को आरटीई की याद आई है। इस अधिनियम का पालन कराने के लिए प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए हैं। विकास भवन के सभागार में जुटे प्रबंधकों को साफ किया गया है कि गरीबों के बच्चों को पढ़ाना सरकार का उद्देश्य है। 
विज्ञापन


निजी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा प्रदान की जाए। हर स्कूल को 25 फीसदी एडमिशन देना ही होगा। एडमिशन से लेकर पढ़ाई तक का खर्चा सरकार की ओर से उठाया जाएगा। यदि कहीं भी कोई इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उस स्कूल की मान्यता को समाप्त कर दिया जाएगा। साफ किया गया है कि आरटीई के तहत जो भी निर्देश किए गए हैं। उनका कड़ाई से पालन होना चाहिए। इस संबंध में प्रभारी सीडीओ भानु प्रताप सिंह, बीएसए त्रिलोकी सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ ही स्कूल के प्रबंधक भी मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed