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नसीमुद्दीन के समर्थन में प्रदीप गंगवार ने भी छोड़ी बसपा
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 11 May 2017 12:15 AM IST
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे को बसपा से निकाले जाने के बाद बिलासपुर विधानसभा प्रभारी और प्रत्याशी रहे प्रदीप गंगवार ने अपने साथियों के साथ बसपा छोड़ दी।
बसपा के बिलासपुर विधानसभा प्रभारी और प्रत्याशी रहे प्रदीप गंगवार नसीमुद्दीन सिद्दीकी के करीबी माने जाते हैं। करीब दो साल पहले प्रदीप गंगवार का नाम नोएडा अथारिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह से जोड़ा गया था। भाकियू ने प्रदीप गंगवार को बसपा में शामिल करने का विरोध जताया था। नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी को बसपा में निकालने जाने के बाद प्रदीप गंगवार ने भी अपने साथियों के साथ बसपा छोड़ दी।
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उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती को भेजे इस्तीफे में नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बसपा से बाहर किए जाने को साजिश बताया है। उसमें कहा है कि जिन लोगों ने यह काम किया है उनकी नीयत पार्टी को डुबोने की है। सिद्दीकी पर जो इल्जाम लगाकर बाहर किया है वह बेबुनियाद हैं।
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इस्तीफे में कहा है कि सिद्दीकी ने 30 साल तक पार्टी की सेवा और इस मुकाम तक पहुंचाया। सिद्दीकी पर की गई कार्रवाई से दुखी होकर वह पार्टी से इस्तीफा देते हैं। इस्तीफा देने वालों में विधान सभा अध्यक्ष सिरोज सागर, कोषाध्यक्ष रमेश गंगवार, प्रदीप ब्रिक, निशान सिंह, लाढ़ी चीमा, मंगलसेन, वहीद, नदीम, वीरेंद्र गंगवार, तेजपाल गंगवार, अजय सागर, भूदेव सागर, जितेंद्र सागर, अमरजीत सिंह सागर, विनोद कुमार, सर्वेश सागर, सुरेंद्र पाल गंगवार भी थे।