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छह साल में भी रकम रिकवर नहीं करा सकी सीबीआई
अमर उजा ब्यूरो/ रामपुर
Updated Sun, 29 Jan 2017 12:51 AM IST
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रामपुर का पोस्ट आफिस। अमर उजाला
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) छह साल बाद भी डाक विभाग के मनी आर्डर घोटाले की करीब डेढ़ करोड़ की धनराशि की रिकवरी कर पाने में नाकाम साबित हुई है। कुछ अफसरों को सजा तो दे दी गई, लेकिन जब रिकवरी का नंबर आया तो विभाग भूल गया। सालों बाद भी डाक विभाग रिकवरी नहीं कर सका है। कुछ दागी अफसरों को अच्छे स्थान पर भी पोस्टिंग दे दी गई है।
रामपुर डाक विभाग में मनी आर्डर के अंकों में हेरफेर का यह मामला छह साल पुराना है। करीब छह साल पहले 2010 में अंकों में हेरफेर कर मनीआर्डर की धनराशि को निकाल लिया गया था। मामला उछलने के बाद पहले विभागीय जांच हुई और फिर इस मामले में कई डाक कर्मियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को भी सौंप दी गई थी।
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सीबीआई की गाजियाबाद शाखा ने मामले की जांच की और फिर जांच के दौरान पाया गया कि मनीआर्डर की 1.47 करोड़ रुपये की धनराशि हड़प कर ली गई है। जांच के दौरान 24 कर्मचारियों को दोषी पाया गया था, जिसमें तीन मुख्य दोषी कर्मियों को बर्खास्त किया गया। शेष कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।
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विभागीय अधिकारियों की मानें तो छह साल के दौरान विभाग की ओर से 1402185 रुपये की वसूली हो चुकी है।
प्रवर अधीक्षक की ओर से पश्चिमांचल क्षेत्र के चीफ पोस्टमाटर को भेजी रिपोर्ट के मुताबिक शेष धनराशि की वसूली के लिए प्रक्रिया जारी है। इस मामले में रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई की जांच में भी 11 कर्मियों की सेवा से निष्कासन की बात कही गई है, लेकिन कर्मियों से अभी तक शेष धनराशि वसूली नहीं की गई है।